Erectile Dysfunction / Sex Karte Samay Dard Hona

सेक्स करते समय दर्द क्यों होता है? कारण, उपाय और मेडिकल सलाह

Written by Dr. Anvi Dogra
December 7, 2025
सेक्स करते समय दर्द क्यों होता है? कारण, उपाय और मेडिकल सलाह

बहुत-सी महिलाएँ और कई पुरुष सेक्स के समय या उसके बाद असुविधा, जलन, कसाव या तेज़ दर्द का अनुभव कर सकते हैं। महिलाओं में यह समस्या बहुत आम है लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं कि यह “सही” या “सहने लायक” स्थिति है। पुरुषों में भी ग्लान्स, पेनिस शाफ्ट, टेस्टिकल्स या पेल्विक क्षेत्र में दर्द हो सकता है, जो समान रूप से परेशान करने वाला और रिश्तों पर असर डालने वाला हो सकता है। सेक्स करते समय दर्द होना कई कारणों से जुड़ा हो सकता है। दर्द चाहे हल्का हो या तीखा, शरीर के किसी अंदरूनी संकेत को अनदेखा करना कभी सही नहीं होता। इस आर्टिकल में हम जानेंगे की सेक्स के दौरान दर्द क्यों होता है, शरीर और दिमाग दोनों से जुड़े कौन-कौन से कारण इसे बढ़ाते हैं, घर पर किए जाने वाले बताए गए उपाय कितने सही हैं और डॉक्टर से मिलना क्यूँ जरूरी है। 

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क्या आपको कभी सेक्स के दौरान दर्द महसूस हुआ है?

सेक्स के दौरान दर्द क्यों होता है? 

कुछ लोग सेक्स के दौरान दर्द महसूस करते हैं, और यह कई शारीरिक, हार्मोनल, संक्रमण, मांसपेशियों, त्वचा और मानसिक कारणों से हो सकता है। यह कोई शर्म की बात नहीं है और न ही आपको इसे सहना चाहिए। दर्द का सही कारण समझना ही सही इलाज का पहला कदम है।

महिलाओं में सेक्स के समय दर्द के कारण 

महिलाओं में दर्द के सबसे बड़े कारण हार्मोनल बदलाव और योनि का सूखापन हैं, खासकर मेनोपॉज़, डिलीवरी, स्तनपान या कुछ दवाओं के कारण, जिससे पेनिट्रेशन दर्दनाक हो जाता है, संक्रमण जैसे यीस्ट इंफेक्शन, बैक्टीरियल वैजिनोसिस (योनि की मांसपेशियों का सिकुड़ना), UTI और क्लैमाइडिया/हर्पीज़ जैसे STI अंदरूनी सूजन, जलन और चुभन पैदा करते हैं। पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों का बहुत टाइट या कमजोर होना भी पेनिट्रेशन के समय ऐंठन और दर्द का कारण बनता है। एंडोमेट्रियोसिस, फाइब्रॉएड और ओवेरियन सिस्ट जैसी स्थितियाँ विशेष रूप से डीप पेनिट्रेशन पर गहरा, तेज़ दर्द पैदा करती हैं।

पुरुषों में सेक्स के समय दर्द के कारण 

पुरुष भी सेक्स के दौरान दर्द महसूस करते हैं। इसके आम कारण फोरस्किन का बहुत टाइट होना (फिमोसिस), लिंग पर रगड़ या कट लग जाना, प्रोस्टेटाइटिस या UTI, पेरोनी डिज़ीज़ (लिंग का मुड़ना), इरेक्शन की समस्या के बावजूद ज़ोर डालना, कंडोम या लुब्रिकेंट से एलर्जी, और लिंग पर पुराना ट्रॉमा या स्कार टिश्यू । त्वचा संबंधी स्थितियाँ जैसे एक्ज़िमा, सोरायसिस या लिचन स्क्लेरोसिस भी लिंग की त्वचा को सेन्सिटिव बना देती हैं, जिससे पेनिट्रेशन दर्दनाक महसूस होता है।

पुरुष–महिला दोनों में सेक्स के समय दर्द होने के कॉमन कारण 

कुछ कारण जैसे कम लुब्रिकेशन, फोरप्ले कम होने या शरीर रिलैक्स न होने पर दोनों पुरुषों और महिलाओं में दर्द और जलन पैदा कर सकता है। मानसिक कारण जैसे तनाव, चिंता, परफॉर्मेंस फियर, शर्म या रिश्ते में तनाव शरीर की मांसपेशियों को टाइट कर देते हैं जिससे सेक्स दर्दनाक होता है। गलत पोज़िशन, बहुत तेज़ मूवमेंट, या तैयार हुए बिना पेनिट्रेशन करना भी दोनों में दर्द, खिंचाव और असहजता पैदा करता है।

सेक्स करते समय दर्द को कम करने के घरेलू सुधार 

सेक्स के दौरान होने वाला दर्द सिर्फ एक नॉर्मल कन्डिशन नहीं है, बल्कि कई बार यह एक गहरी मेडिकल समस्या का संकेत भी हो सकता है। इसलिए यह उम्मीद करना कि केवल घरेलू नुस्खे या लाइफस्टाइल बदलाव पूरी तरह इलाज कर देंगे सही नहीं है। अगर दर्द बार-बार हो, हर बार हो, या पहले से बढ़ रहा हो, तो इसका असली कारण सिर्फ डॉक्टर ही बता सकते हैं। घरेलू उपाय केवल राहत देने, शरीर को आराम पहुंचाने और तनाव कम करने में मदद कर सकते हैं, लेकिन असली इलाज नहीं हैं। फिर भी, मेडिकल ट्रीटमेंट के साथ ये सुधार दर्द को काफी कम कर सकते हैं और शरीर को सेक्स के लिए तैयार, आरामदायक और रिलैक्स महसूस करवाते हैं।

अच्छी बातचीत और फोरप्ले बढ़ाएँ

दर्द महसूस करने वाले लोगों के लिए सबसे पहले ज़रूरी है कि दिमाग और शरीर दोनों रिलैक्स हों। पार्टनर से खुलकर बात करने से मन का तनाव कम होता है और शरीर भी सहज महसूस करता है। लंबा फोरप्ले शरीर में नेचुरल लुब्रिकेशन बढ़ाता है, मांसपेशियाँ ढीली होती हैं, और टिश्यू नरम होते हैं। इससे पेनिट्रेशन के दौरान घर्षण कम होता है, जलन घटती है और दर्द काफी कम हो सकता है। 

पानी आधारित लुब्रिकेंट का उपयोग करें

सूखापन सेक्स पेन का सबसे आम कारण है, और वॉटर-बेस्ड लुब्रिकेंट इस समस्या का तुरंत समाधान देते हैं। यह टिश्यू को चिकनाई देते हैं, घर्षण कम करते हैं, और पेनिट्रेशन को आरामदायक बनाते हैं। इससे जलन, कटने या तंग महसूस होने जैसी समस्याएँ काफी कम होती हैं। ध्यान रखें कि ऑयल-बेस्ड लुब्रिकेंट को कभी भी कंडोम के साथ इस्तेमाल नहीं करना चाहिए यह कंडोम को फाड़ सकता है। सुरक्षित और प्रभावी उपयोग के लिए हमेशा पानी आधारित लुब्रिकेंट ही चुनें।

पोज़िशन बदलकर देखें

कई बार दर्द किसी मेडिकल समस्या के कारण नहीं, बल्कि गलत पोज़िशन के कारण होता है। हर शरीर अलग तरह से प्रतिक्रिया करता है, इसलिए यह ज़रूरी है कि ऐसे पोज़िशन अपनाएँ जिनमें आप पेनिट्रेशन की गहराई, गति और दबाव को आसानी से नियंत्रित कर सकें। जब पार्टनर स्थिति को अपने हिसाब से नियंत्रित कर सके, तो शरीर रिलैक्स रहता है और दर्द कम महसूस होता है। 

गर्म पानी से स्नान या गर्म सेक

गर्म पानी मांसपेशियों को प्राकृतिक रूप से रिलैक्स करता है और दर्द तथा तनाव को कम करता है। सेक्स से पहले गर्म पानी से नहाना या पेल्विक एरिया पर हल्का गर्म सेक लगाना रक्त प्रवाह बढ़ाता है, जिससे ऐंठन, कसाव और खिंचाव जैसी समस्याएँ कम हो जाती हैं। यह तरीका उन लोगों के लिए भी फायदेमंद है जिनकी मांसपेशियाँ तनाव के कारण टाइट हो जाती हैं। शरीर जितना आराम में रहेगा, सेक्स उतना ही आसान महसूस होगा।

पेल्विक फ्लोर रिलैक्सेशन 

कई लोगों में सेक्स के दौरान दर्द की वजह टाइट पेल्विक फ्लोर मांसपेशियाँ होती हैं। हल्के रिलैक्सेशन एक्सरसाइज़, गहरी साँसें लेना और पेल्विक रिलैक्सेशन मसल्स को ढीला करते हैं और दर्द कम करते हैं। पेल्विक फ्लोर रिलैक्सेशन तकनीकें दर्द कम करने का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। रोज़ 5–10 मिनट की ब्रीदिंग और रिलैक्सेशन बॉडी को काफी आराम देती है।

तनाव और चिंता कम करें 

मानसिक तनाव, चिंता, शर्म या परफॉर्मेंस फियर शरीर की मांसपेशियों को अनजाने में टाइट कर देता है, जिससे दर्द और बढ़ जाता है। गहरी साँसें, मेडिटेशन, हल्का योग और माइंडफुलनेस अभ्यास शरीर को तेजी से शांत करते हैं और मानसिक तनाव को कम करते हैं। जब दिमाग शांत रहता है, तो शरीर कम दर्द महसूस करता है और सेक्स अनुभव अधिक सहज होता है।

डॉक्टर से मिलना क्यूँ जरूरी है?

सेक्स के दौरान होने वाला दर्द कभी-कभी सामान्य कारणों से होता है, लेकिन यदि यह बार-बार आए, बढ़ता जाए या अनुभव को असहज बना दे, तो यह किसी गहरी मेडिकल समस्या का संकेत हो सकता है। कई तरह की स्थितियाँ जैसे संक्रमण, हार्मोनल बदलाव, एंडोमेट्रियोसिस, टाइट पेल्विक मांसपेशियाँ, फिमोसिस या सिस्ट बिना सही इलाज के ठीक नहीं होतीं। इसलिए इन संकेतों को नज़रअंदाज़ करना मुमकिन नहीं है। अगर आपको हर बार सेक्स में दर्द हो, डीप पेनिट्रेशन पर तेज़ दर्द महसूस हो, संभोग के बाद खून आए, असामान्य डिस्चार्ज, तेज़ खुजली या बदबू हो, या अचानक बहुत तेज़ दर्द शुरू हो जाए तो यह स्पष्ट संकेत है कि डॉक्टर से तुरंत मिलने की जरूरत है। इसके अलावा, अगर पेल्विक क्षेत्र में भारीपन, दबाव या सूजन जैसा महसूस हो, या आपको संदेह हो कि एंडोमेट्रियोसिस, फाइब्रॉएड या कोई अन्य अंदरूनी समस्या हो सकती है, तो देरी न करें। पुरुषों में भी लगातार जलन, कटने जैसा दर्द, पेशाब में जलन, UTI के लक्षण या पेनिट्रेशन के दौरान पेनिस में तेज़ खिंचाव हो तो ऐसी स्तिथि में एकदम डॉक्टर से मिलना चाहिए।  डॉक्टर आपकी समस्या देखने के बाद कुछ ज़रूरी टेस्ट बता सकते हैं जैसे इंफेक्शन की टेस्टिंग (UTI, वैजाइनल इंफेक्शन, STI), हार्मोन बैलेंस की जांच, पेल्विक अल्ट्रासाउंड या पुरुषों में पेनिस और प्रोस्टेट की जांच। इसके आधार डॉक्टर इलाज सुझाते हैं  सबसे अच्छी बात यह है कि सेक्स के समय होने वाला दर्द को बहुत सारे मामलों में पूरी तरह ठीक किया जा सकता है, बस सही कारण पहचानना ज़रूरी है। जितनी जल्दी आप जांच करवाएंगी या करवाएंगे, उतनी जल्दी और सरलता से दर्द को नियंत्रित किया जा सकता है।

निष्कर्ष

सेक्स के दौरान दर्द होना आम बात है, लेकिन कभी भी “सही” या “नॉर्मल” नहीं है। दर्द शरीर के किसी अंदरूनी कारण की ओर संकेत करता है जैसे सूखापन, संक्रमण, हार्मोनल बदलाव, एंडोमेट्रियोसिस, पेल्विक फ्लोर की समस्याएँ या भावनात्मक तनाव। घरेलू सुधार जैसे फोरप्ले, लुब्रिकेंट, पोज़िशन बदलना, गर्म पानी का स्नान और रिलैक्सेशन बहुत मदद कर सकते हैं। लेकिन अगर दर्द बार-बार हो रहा है या आपकी सेक्स लाइफ पर असर डाल रहा है, तो डॉक्टर से मिलना ज़रूरी है ताकि सही कारण पता चल सके और समय पर इलाज मिले।

Most Asked Questions

सेक्स करते समय दर्द होना क्या सामान्य है?

नहीं, सेक्स के दौरान दर्द होना सामान्य नहीं माना जाता। यह सूखापन, संक्रमण, मांसपेशियों के टाइट होने, हार्मोनल बदलाव या किसी मेडिकल समस्या का संकेत हो सकता है।

महिलाओं में सेक्स के समय दर्द का सबसे आम कारण क्या है?

सबसे आम कारण योनि का सूखापन, हार्मोनल बदलाव (मेनोपॉज़ या प्रसव के बाद), यीस्ट इंफेक्शन, UTI, या पेल्विक फ्लोर मसल्स का टाइट होना है।

पुरुषों में सेक्स के समय दर्द क्यों होता है?

फिमोसिस (फोरस्किन टाइट होना), UTI, प्रोस्टेटाइटिस, कंडोम एलर्जी, पेरोनी डिज़ीज़ या पेनिस की त्वचा पर जलन/कट लगना आम कारण हैं।

क्या लुब्रिकेंट से सेक्स पेन कम हो सकता है?

हाँ, पानी आधारित लुब्रिकेंट सूखापन और घर्षण को कम कर देते हैं, जिससे दर्द में काफी राहत मिलती है। ऑयल-बेस्ड लुब्रिकेंट कंडोम के साथ नहीं प्रयोग करने चाहिए।

सेक्स के समय अगर दर्द हो तो क्या डॉक्टर से तुरंत मिलना चाहिए?

अगर हर बार सेक्स में दर्द हो, डीप पेनिट्रेशन पर तेज़ दर्द आता हो, खून आए, बदबूदार डिस्चार्ज हो, बुखार/सूजन हो, अचानक बहुत ज्यादा दर्द शुरू हो जाए, तो तुरंत डॉक्टर से मिलना ज़रूरी है।