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अश्वगंधा टैबलेट्स को आजकल पुरुषों की यौन शक्ति, टेस्टोस्टेरोन, स्टैमिना और फर्टिलिटी बढ़ाने के दावों के साथ बेचा जाता है, लेकिन इन दावों के पीछे मौजूद वैज्ञानिक प्रमाण अभी सीमित और छोटे स्तर के हैं। यह तनाव कम करने और स्पर्म क्वालिटी जैसे कुछ क्षेत्रों में मदद कर सकती है, परंतु इरेक्टाइल डिस्फंक्शन जैसी समस्याओं का इलाज केवल सप्लीमेंट्स से संभव नहीं होता। हर व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति, दवाओं का प्रभाव और समस्या के कारण अलग होते हैं, इसलिए अश्वगंधा का उपयोग डॉक्टर की सलाह के साथ ही सुरक्षित माना जाता है। सेक्स-संबंधी किसी भी समस्या का पहला कदम सही निदान और योग्य चिकित्सक से परामर्श होना चाहिए।

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अश्वगंधा (Withania somnifera) एक पुरानी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है जिसे अब बाजार में कई रूपों में पाउडर, कैप्सूल, टैबलेट, आरिष्ट आदि बेचा जाता है। आजकल खासकर टैबलेट या गोलियाँ लोकप्रिय हैं क्योंकि इन्हें लेना आसान होता है और ब्रांड लेबल पर डोज़ व निर्देश लिखे मिलते हैं। 

इस आर्टिकल में हम अश्वगंधा टैबलेट्स के बारे में जानेंगे, इनके बताए जाने वाले फायदे क्या हैं,साइड इफेक्ट्स व सावधानियाँ, और क्यों ज़रूरी है कि किसी भी सेक्स-संबंधी समस्या या इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (ED) की हालत में आप सीधे डॉक्टर से मिलें।

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बाजार में अश्वगंधा टैबलेट्स के बताए गए फायदे

आजकल कई ब्रांड अश्वगंधा टैबलेट्स को “नेचुरल सेक्स बूस्टर” या “पुरुष शक्ति बढ़ाने वाला सप्लीमेंट” के रूप में प्रमोट करते हैं। इनका मुख्य फोकस पुरुषों की यौन क्षमता, स्टैमिना और आत्मविश्वास बढ़ाने पर होता है। हालांकि, इन दावों में से कुछ के पीछे बहुत कम साइअन्टिफिक प्रूफ मौजूद हैं। 

टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने में मदद

अश्वगंधा को प्राकृतिक रूप से टेस्टोस्टेरोन हार्मोन बढ़ाने में सहायक माना जाता है। यह हार्मोन पुरुषों की यौन इच्छा (libido), ऊर्जा और प्रजनन क्षमता को नियंत्रित करता है।

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यौन इच्छा और प्रदर्शन में सुधार

कुछ ब्रांड अपने उत्पादों को “नेचुरल अफ्रोडिज़ियक” यानी यौन उत्तेजना बढ़ाने वाला बताते हैं। अश्वगंधा तनाव घटाकर और ऊर्जा बढ़ाकर इन्डरेक्ट रूप से यौन प्रदर्शन में मदद कर सकती है।
जब व्यक्ति मानसिक रूप से शांत और रिलैक्स रहता है, तो परफॉर्मेंस एंग्जायटी और सेक्सुअल वीकनेस जैसी समस्याएं कम हो सकती हैं।

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (ED) में संभावित लाभ

ऐसा मन जाता है की अश्वगंधा टैबलेट्स रक्त प्रवाह को बेहतर बनाकर इरेक्शन की गुणवत्ता सुधारने में सहायक हो सकती हैं। यह शरीर में वेसोडाइलेशन (vasodilation) को बढ़ावा देती है, जिससे लिंग में रक्त संचार सुधरता है।
हालांकि, अब तक हुए अधिकांश अध्ययन छोटे पैमाने के हैं और स्पष्ट रूप से यह साबित नहीं करते कि अश्वगंधा अकेले ही इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को ठीक कर सकती है।

स्पर्म काउंट और फर्टिलिटी में सुधार

अश्वगंधा टैबलेट्स को स्पर्म क्वालिटी और फर्टिलिटी सुधारने के लिए भी बेचा जाता है। कुछ क्लिनिकल रिसर्च में पाया गया कि नियमित सेवन से स्पर्म काउंट, मोटिलिटी और वीर्य मात्रा (semen volume) में सुधार हुआ।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि यह हर व्यक्ति में बांझपन (infertility) को दूर कर देगी लेकिन इसका असर हर व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है।

मानसिक तनाव कम कर यौन आत्मविश्वास बढ़ाना

ED या यौन कमजोरी का एक बड़ा कारण मानसिक तनाव और प्रदर्शन की चिंता (performance anxiety) भी होता है। अश्वगंधा तनाव से लड़ने में मदद कर सकता है। इससे व्यक्ति का मूड, आत्मविश्वास और यौन प्रतिक्रिया बेहतर हो सकती है। यही कारण है कि कई ब्रांड इसे “स्ट्रेस-फ्री सेक्स कैप्सूल” के रूप में पेश करते हैं।

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इन सभी फायदों को लेकर बाजार में कई दावे किए जाते हैं, लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि इनमें से ज़्यादातर पर सीमित मानव अध्ययन हुए हैं। बड़े पैमाने और लंबे समय के वैज्ञानिक प्रमाण अभी भी कम हैं। इसलिए अश्वगंधा टैबलेट्स के लाभों को “गारंटी” की तरह न मानें और हमेशा इसे डॉक्टर की सलाह से ही उपयोग करें।

क्यों डॉक्टर की सलाह जरूरी है?

अश्वगंधा टैबलेट्स भले ही आयुर्वेदिक और प्राकृतिक कही जाती हैं, लेकिन हर व्यक्ति के शरीर की स्थिति, दवाओं का असर और रोगों का कारण अलग होता है। इसलिए इन्हें शुरू करने से पहले डॉक्टर या योग्य वैद्य से सलाह लेना बेहद जरूरी है। 

सामग्री और गुणवत्ता में फर्क

बाजार में मिलने वाली अश्वगंधा टैबलेट्स अलग-अलग ब्रांड्स द्वारा बनाई जाती हैं, और हर कंपनी की निर्माण प्रक्रिया तथा तत्वों की मात्रा (active compounds जैसे withanolides) अलग होती है।
इसी वजह से, दो ब्रांड की समान दिखने वाली टैबलेट्स का असर एक जैसा नहीं होता।
डॉक्टर आपकी उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और उद्देश्य (जैसे तनाव, फर्टिलिटी या ED) के हिसाब से सही डोज़ और भरोसेमंद ब्रांड चुनने में मदद कर सकते हैं।

असली कारण की पहचान जरूरी

कई लोग इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (ED) या यौन कमजोरी को सिर्फ हार्मोन की कमी मानकर अश्वगंधा टैबलेट्स लेना शुरू कर देते हैं।
लेकिन सच्चाई यह है कि ED कई कारणों से हो सकता है:

  • डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियाँ
  • हृदय रोग या ब्लड सर्कुलेशन की समस्या
  • थायरॉइड असंतुलन या हार्मोनल बदलाव
  • न्यूरोलॉजिकल कारण, जैसे नसों की कमजोरी
  • दवाइयों के साइड इफेक्ट्स (जैसे एंटी-डिप्रेशन या ब्लड प्रेशर की दवाएँ)
  • या फिर मानसिक तनाव और परफॉर्मेंस एंग्जायटी

अगर इन कारणों का पता लगाए बिना आप सिर्फ सप्लीमेंट लेते हैं, तो आप असली समस्या को नज़रअंदाज़ कर सकते हैं। डॉक्टर की जाँच (जैसे ब्लड टेस्ट, हार्मोन लेवल चेक या फिजिकल एग्ज़ामिनेशन) से ही असली वजह पता चलती है और सही इलाज तय किया जा सकता है।

अन्य दवाओं के साथ टकराव (Drug Interactions)

अश्वगंधा पूरी तरह “सुरक्षित” नहीं है, खासकर जब आप पहले से कोई और दवाएँ ले रहे हों।
यह ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और थायरॉइड हार्मोन पर असर डाल सकती है। इसलिए अगर आप कोई भी दवा का सेवन करते हैं तो बिना डॉक्टर की सलाह लिए इसे प्रयोग न करें। 

स्वयं-उपचार से बचें

इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी या विज्ञापनों के भरोसे हर्बल दवाओं का सेवन कई बार उल्टा असर कर सकता है।अश्वगंधा टैबलेट्स एक पूरक (supplement) हैं, इलाज (treatment) नहीं।
यदि आपको यौन कमजोरी, इरेक्टाइल डिस्फंक्शन, या फर्टिलिटी की समस्या है, तो पहले डॉक्टर से निदान करवाना ही सबसे सुरक्षित और समझदारी भरा कदम है।

अश्वगंधा टैबलेट के साइड इफेक्टस 

अश्वगंधा को एक प्राकृतिक और सुरक्षित जड़ी-बूटी माना जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि यह हर व्यक्ति के लिए पूरी तरह हानिरहित है।
कई बार शरीर की प्रतिक्रिया, ली जाने वाली मात्रा, या अन्य दवाओं के साथ इसके मेल के कारण कुछ दुष्प्रभाव (side effects) देखने को मिल सकते हैं।
अगर आप लंबे समय से अश्वगंधा टैबलेट ले रहे हैं या किसी और इलाज के साथ इसका सेवन कर रहे हैं, तो इसके प्रभावों पर ध्यान देना जरूरी है।

कुछ लोगों में अश्वगंधा टैबलेट्स से हल्के और अस्थायी लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इनमें शामिल हैं:

  • पेट में गड़बड़ी या एसिडिटी
  • दस्त या उल्टी
  • जी मिचलाना (nausea)
  • नींद अधिक आना या सुस्ती महसूस होना

ये लक्षण आमतौर पर तब दिखते हैं जब दवा खाली पेट ली जाती है या मात्रा ज़्यादा होती है। ऐसे में सेवन रोककर डॉक्टर से सलाह लेना सही रहता है।

कुछ लोगों में समय-समय पर हल्के लेकिन परेशान करने वाले साइड इफेक्ट्स भी सामने आए हैं, जैसे:

  • एलर्जी या त्वचा पर लालपन/खुजली
  • चक्कर या सिर हल्का लगना
  • मुंह सूखना
  • वजन बढ़ना या भूख में बदलाव
  • लिवर से जुड़ी दिक्कतें

निष्कर्ष 

बाज़ार में उपलब्ध अश्वगंधा टैबलेट्स कई संभावित फायदे देते हुए प्रमोट किए जाते हैं जैसे तनाव घटाना, टेस्टोस्टेरोन व स्टैमिना में सुधार, स्पर्म क्वालिटी में मदद, और सामान्य सेहत संबंधी दावे। परन्तु टैबलेट्स के बीच सामग्री की मात्रा भिन्न होती है और वैज्ञानिक प्रमाण कुछ दावों के लिए अभी सीमित हैं। इसलिए अगर आपकी समस्या सेक्स-संबंधी है, खासकर इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (ED), तो टैबलेट लेने से पहले डॉक्टर से जाँच और सलाह लेना अनिवार्य है। केवल सप्लीमेंट से इलाज न मानें। डॉक्टर आपकी स्थिति की जाँच कर के सही निदान, उपयुक्त दवा और यदि ज़रूरत हो तो लाइफस्टाइल या मनोवैज्ञानिक मदद सुझा सकते हैं। किसी भी सेक्स-संबंधी समस्या में पहला कदम हमेशा योग्य चिकित्सा सलाह होना चाहिए।

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