शीघ्रपतन की पूरी जानकारी: कारण, लक्षण, और इलाज
Written by Dr. Srishti Rastogi
Dr. Srishti Rastogi is a medical writer and healthcare professional dedicated to high-quality patient education and public health awareness. Leveraging her clinical background, she produces deeply researched, evidence-based content for digital health platforms and medical publications. Dr. Srishti’s unique dual perspective as a clinician and communicator allows her to craft content that builds trust and credibility with readers navigating sensitive health topics.
•
May 31, 2025
Our experts continually monitor the health and wellness space, and we update our articles when new information becomes available.
संक्षेप
इस लेख में हमने शीघ्रपतन की समस्या, इसके शारीरिक और मानसिक कारणों, और इसके लक्षणों को सरल भाषा में समझाया है। यह बताया गया है कि शीघ्रपतन सिर्फ समय की बात नहीं, बल्कि आपकी संतुष्टि और रिश्तों पर भी असर डालता है। इलाज के लिए व्यवहारिक थेरेपी, काउंसलिंग और दवाइयों जैसे विकल्प उपलब्ध हैं, जिन्हें मिलाकर बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। सबसे जरूरी है अपनी चिंता को समझना और विशेषज्ञ से खुलकर मदद लेना। इससे आपकी यौन स्वास्थ्य और रिश्तों दोनों में सुधार संभव है।
क्या आप जानते हैं कि शीघ्रपतन क्या है, और यह पुरुषों में सबसे आम यौन समस्याओं में से क्यों है? शीघ्रपतन का मतलब है सेक्स के दौरान स्खलन का सामान्य से जल्दी होना, जिससे खुद की और पार्टनर की संतुष्टि प्रभावित हो सकती है। आजकल कई लोग शीघ्रपतन क्यों होता है, शीघ्रपतन के लक्षण क्या हैं, और शीघ्रपतन को कैसे रोके, इन सभी सवालों के जवाब ढूंढ रहे हैं। यह स्थिति शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक कारणों से हो सकती है, जिनका सही समझ और इलाज जरूरी है। अंतर्राष्ट्रीय आंकड़ों के मुताबिक, 18 से 59 साल के लगभग 30% पुरुषों को कभी न कभी शीघ्रपतन की समस्या होती है [1], जबकि भारत में इसकी रिपोर्टिंग लगभग 4.6% है ।[2] हालाँकि, हमारे देश में अभी भी इस विषय को लेकर संकोच और जागरूकता की कमी है, जिसके कारण असल संख्या इससे ज़्यादा हो सकती है। इस लेख में आप शीघ्रपतन के कारण, लक्षण और इलाज के विकल्पों को आसान भाषा में समझेंगे, ताकि आप बेहतर तरीके से इसका सामना कर सकें।
Allo asks
क्या आपको कभी शीघ्रपतन (Premature Ejaculation) की समस्या महसूस हुई है?
स्खलन (ejaculation) के दौरान शरीर में क्या होता है?
जब आप बहुत ज़्यादा उत्तेजित होते हैं, तो आपका नर्वस सिस्टम स्खलन की प्रक्रिया को शुरू करता है। रीढ़ की हड्डी और जननांगों से जुड़ी नसें यह सिग्नल भेजती हैं कि वीर्य (semen) अब बाहर निकले। स्खलन के दो चरण होते हैं:
इमिशन फेज़ (emission phase)
इसमें शुक्राणु (sperms) अंडकोष (testicles) से निकलकर प्रोस्टेट तक जाते हैं।
वहाँ ये शुक्राणु तरल पदार्थ (seminal fluid) से मिलते हैं और इससे वीर्य बनता है।
इस दौरान वास डिफरेंस (vas deferens) नाम की नलिकाएं सिकुड़कर वीर्य को लिंग की जड़ की तरफ ले जाती हैं।
एक्सपल्शन फेज़ (expulsion phase)
इसमें लिंग की जड़ की मांसपेशियाँ सिकुड़ती हैं, और वीर्य कई बार (spurts) में बाहर निकलता है।
शीघ्रपतन (Premature Ejaculation) क्या है?
रिसर्च के मुताबिक, एक औसत पुरुष की योनि में स्खलन तक का समय (Intravaginal Ejaculation Latency Time) करीब 5.4 मिनट होता है।[3] और जब कोई पुरुष बहुत जल्दी, यानि शुरू होने के 1-3 मिनट के अंदर ही स्खलित हो जाए, और वो या उसका साथी संतुष्ट न हो, तो इसे शीघ्रपतन (Premature ejaculation) कहा जाता है।[4]
मेडिकल संस्थाओं की परिभाषा क्या कहती है?
अमेरिकन साइकाइट्रिक एसोसिएशन जैसे संस्थान शीघ्रपतन को तीन स्तरों में बाँटते हैं:
- हल्का (Mild): सेक्स शुरू होने के 1 मिनट के भीतर स्खलन [4]
- मध्यम (Moderate): 30 सेकंड से 1 मिनट के बीच
- गंभीर (Severe): 30 सेकंड से भी कम
लेकिन असल ज़िंदगी में सिर्फ समय देखकर आप फैसला नहीं ले सकते। सबसे ज़रूरी बात ये होती है कि आप खुद कैसा महसूस करते हैं। अगर आपको लगता है कि स्खलन ज़रूरत से जल्दी हो रहा है और इससे आपकी संतुष्टि या रिश्ते पर असर पड़ रहा है, तो डॉक्टर से बात करना एक अच्छा कदम हो सकता है।
शीघ्रपतन के कारण
- प्रदर्शन को लेकर डर या चिंता (Performance Anxiety)
- आत्मविश्वास की कमी
- सेक्स को लेकर ज़्यादा उम्मीदें
- डिप्रेशन
- रिश्तों में तनाव
3. उम्र और शारीरिक बदलाव: हालांकि, उम्र बढ़ना सीधा कारण नहीं है, लेकिन इससे जुड़ी शारीरिक समस्याएं शीघ्रपतन का कारण बन सकती हैं।
- उम्र बढ़ने के साथ टेस्टोस्टेरोन कम हो सकता है, जिससे इरेक्शन उतना मजबूत या लंबे समय तक नहीं रह पाता।[7]
- कुछ बुज़ुर्ग पुरुषों को स्खलन से पहले की "फीलिंग" बहुत जल्दी या कम महसूस होती है।
- इसका नतीजा ये होता है कि वे जल्दी स्खलन कर बैठते हैं।
4. पार्टनर के साथ संबंध:
- शीघ्रपतन से पुरुष खुद को शर्मिंदा, गुस्से में या उदास महसूस कर सकते हैं।
- इससे वे पार्टनर से दूर होने लगते हैं और रिश्ते में दूरी बढ़ सकती है।
- कई बार पार्टनर भी खुद को असंतुष्ट या अधूरा महसूस करता है।
5. प्रोस्टेट की सूजन (Prostatitis): अगर आपको बार-बार पेशाब में जलन, नीचे के हिस्से में भारीपन या सेक्स के दौरान तकलीफ महसूस होती है, तो हो सकता है कि आपकी प्रोस्टेट ग्रंथि में सूजन हो, जिसे मेडिकल भाषा में क्रॉनिक प्रोस्टेटाइटिस कहते हैं। यह एक सामान्य लेकिन अक्सर अनदेखी की जाने वाली स्थिति है, जो शीघ्रपतन से भी गहराई से जुड़ी हो सकती है।[8]
शीघ्रपतन के लक्षण
शीघ्रपतन (Premature Ejaculation) सिर्फ सेक्स के दौरान जल्दी स्खलन होने की बात नहीं है। इसके असर शारीरिक संतुष्टि से लेकर मानसिक स्वास्थ्य और रिश्तों तक फैल सकते हैं। इस स्थिति को समझना और समय रहते इसके लक्षणों को पहचानना इलाज की दिशा में पहला और सबसे ज़रूरी कदम होता है।
- सेक्स जल्दी खत्म हो जाना: योनि में प्रवेश के 1 से 3 मिनट के अंदर, या कई बार तो प्रवेश से पहले ही वीर्य निकल जाना। जब बार-बार ऐसा हो और संतुष्टि न मिले, तो इसे सामान्य नहीं कहा जा सकता। [4]
- स्खलन को न रोक पाना: जब आप चाहकर भी स्खलन को न रोक पाएँ। यह लक्षण अक्सर सबसे परेशान करने वाला होता है
- मन में झुंझलाहट या शर्म महसूस होना: सेक्स के बाद खुद से नाराज़गी, शर्मिंदगी या ये सोचना कि “मैं ठीक से कर ही नहीं पाता”, ये सब धीरे-धीरे मन पर बोझ बनने लगता है।
- प्रदर्शन को लेकर डर (performance anxiety): अगली बार को लेकर मन में डर होता है, “क्या फिर से जल्दी हो जाएगा?” यह डर ही कभी-कभी इच्छा को मार देता है, और सेक्स से दूर करने लगता है।
- यौन आत्मविश्वास में कमी: बार-बार की नाकामी से व्यक्ति खुद को 'खराब लवर' समझने लगता है। आत्मविश्वास गिरता है और मन में एक हीन भावना घर कर लेती है।
- पार्टनर के साथ नज़दीकी और रिश्तों में तनाव: जब सेक्स बार-बार अधूरा लगे, तो धीरे-धीरे रोमांस और शारीरिक नज़दीकी कम होने लगती है। पार्टनर के साथ पहले जैसा जुड़ाव महसूस नहीं होता।
शीघ्रपतन के प्रकार
प्राथमिक/जन्मजात शीघ्रपतन (Primary):
यह जन्म से ही रहता है, और इसमें पुरुष अपने पहले सेक्स में ही जल्दी स्खलित हो जाता है।
इसकी वजह उनके शरीर या दिमाग की कोई गड़बड़ी मानी जाती है।
शीघ्रपतन जो बाद में हुआ हो (Secondary/Acquired):
इसमें पहले तो सेक्स सामान्य ही होता है, लेकिन बाद में जल्दी स्खलन होने लगता है।
स्वाभाविक परिवर्तनशील शीघ्रपतन (Natural Variable)
कभी-कभी कुछ खास परिस्थितियों में जल्दी स्खलन हो जाता है, लेकिन यह हर बार नहीं होता।
यह कोई बीमारी नहीं होती, सिर्फ सामान्य शारीरिक बदलाव होता है।
काल्पनिक शीघ्रपतन (सब्जेक्टिव)
- इसमें सिर्फ पुरुष को लगता भर है कि वह बहुत जल्दी स्खलित हो जा रहा है, असल में ऐसा होता नहीं है।
- यह मानसिक दबाव या चिंता की वजह से हो सकता है।
अक्सर लोग सोचते हैं कि शीघ्रपतन सिर्फ दवा से ठीक होगा, लेकिन इसमें आपका मानसिक संतुलन और सही तकनीकें सीखना भी उतना ही जरूरी है।
शीघ्रपतन का इलाज
- व्यवहारिक थेरेपी: इसमें व्यवहारिक तरीकों का इस्तेमाल करके सिखाया जाता है कि ऑर्गेज्म को कैसे रोका जाए, जिससे आप अपने शरीर और भावनाओं को कंट्रोल करना सीखते हैं [9]। इनमें से कुछ हैं:
- स्टार्ट–स्टॉप तकनीक: ऑर्गेज्म से पहले रुकना और फिर से शुरू करना
- अपना ध्यान भटकाना: अपना ध्यान इधर उधर लगाकर ऑर्गेज्म में देरी करना
- काउंसलिंग: अगर आपके शीघ्रपतन का कारण मानसिक या भावनात्मक है, तो सेक्स थेरेपिस्ट या साइकोलॉजिस्ट की मदद आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकती है [10]।
दवाइयाँ:
- एंटीडिप्रेसेंट्स (Antidepressants– SSRIs): ये इलाज में पहली पसंद होती हैं, क्योंकि ये ऑर्गेज्म लाने में देरी करती हैं [11], जैसे– क्लोमीप्रेमिन (clomipramine)।
- सुन्न करने वाली क्रीम या स्प्रे: ये दवाईयां लिंग के सिर और शाफ़्ट पर लगाई जाती हैं, और 10 से 30 मिनट में असर दिखाती हैं। ये लिंग की संवेदनशीलता को कम करती हैं जिससे ऑर्गेज्म देर से आता है।[12]
- इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की दवाईयां (PDE5 inhibitors): अगर शीघ्रपतन के साथ ईडी भी मौजूद है, तो PDE5 inhibitors भी दी जाती हैं [13], जैसे– सिल्डेनफिल (वायग्रा), टाडालफिल (cialis)।
- ट्रामाडोल: एक नशीला दर्द निवारक जो ऑर्गेज्म लाने में देरी कर सकता है, लेकिन इसको बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं लेना चाहिए।[14]
निष्कर्ष
शीघ्रपतन एक आम समस्या है। इसे लेकर झिझक या शर्म महसूस करना जरूरी नहीं है। सही जानकारी और सही इलाज से इसे आसानी से संभाला जा सकता है। सबसे ज़रूरी है अपनी समस्या को पहचानना और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की मदद लेना। जब आप खुलकर बात करेंगे और सही कदम उठाएंगे, तो न केवल आपकी यौन सेहत बेहतर होगी बल्कि आपके रिश्ते भी मजबूत होंगे। याद रखें, आपकी खुशहाली और संतुष्टि सबसे ज़रूरी है, और इसके लिए मदद लेना बिल्कुल ठीक है।
डिस्क्लेमर
निम्नलिखित लेख विभिन्न विषयों पर सामान्य जानकारी प्रदान करता है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि प्रस्तुत की गई जानकारी किसी विशिष्ट क्षेत्र में पेशेवर सलाह के रूप में नहीं है। यह लेख केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। इस लेख को किसी भी उत्पाद, सेवा या जानकारी के समर्थन, सिफारिश या गारंटी के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए। पाठक इस ब्लॉग में दी गई जानकारी के आधार पर लिए गए निर्णयों और कार्यों के लिए पूरी तरह स्वयं जिम्मेदार हैं। लेख में दी गई किसी भी जानकारी या सुझाव को लागू या कार्यान्वित करते समय व्यक्तिगत निर्णय, आलोचनात्मक सोच और व्यक्तिगत जिम्मेदारी का प्रयोग करना आवश्यक है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या पार्टनर की संतुष्टि के लिए शीघ्रपतन का इलाज जरूरी है?
बिल्कुल, शीघ्रपतन से रिश्ते पर असर पड़ सकता है, इसलिए इलाज करना रिश्ते की गुणवत्ता के लिए जरूरी होता है।
क्या उम्र बढ़ने से शीघ्रपतन की समस्या कम हो जाती है?
कई मामलों में उम्र बढ़ने से सेक्स में रुचि या शक्ति कम हो सकती है, लेकिन शीघ्रपतन का असर अलग-अलग होता है।
क्या व्यायाम से शीघ्रपतन में सुधार होता है?
हाँ, खासकर pelvic floor exercises (कीगल एक्सरसाइज) से मदद मिल सकती है।
क्या कोई पुरुष 2 घंटे तक टिक सकता है?
यह बहुत ही असामान्य है। अधिकांश पुरुषों के लिए इतनी लंबी अवधि प्राकृतिक नहीं होती।
बियर की कितनी मात्रा से ज्यादा देर तक टिक सकते हैं?
अधिक शराब सेवन उल्टा असर करती है और इरेक्शन कमजोर कर सकती है। इसलिए शराब का सीमित और संयमित सेवन ही बेहतर है।
Sources
- 1.
Prevalence of Premature Ejaculation: A Global and Regional Perspective - Journal of Sexual Medicine
- 2.
Prevalence and correlates of sexual health disorders among adult men in a rural area of North India: An observational study - Journal of Family Medicine and Primary Care
- 3.
A multinational population survey of intravaginal ejaculation latency time - The Journal of Sexual Medicine
- 4.
Premature Ejaculation - StatPearls
- 5.
Serotonin and Premature Ejaculation: From Physiology to Patient Management - European Urology
- 6.
Psychological impact of premature ejaculation and barriers to its recognition and treatment - Current Medical Research and Opinion
- 7.
Age-related decline in total testosterone levels among young men: insights from a large single-center observational study - IJIR
- 8.
Sample records for chronic prostatitis symptom - Science.gov
- 9.
Behavioral Therapies for Management of Premature Ejaculation: A Systematic Review - Sexual Medicine
- 10.
Psychosexual therapy for premature ejaculation - TAU
- 11.
Which of available selective serotonin reuptake inhibitors (SSRIs) is more effective in treatment of premature ejaculation? A randomized clinical trial - Int Braz J Urol.
- 12.
Topical Anesthetics and Premature Ejaculation: A Systematic Review and Meta-Analysis - Cureus
- 13.
Efficacy of Phosphodiesterase-5 Inhibitor in Men With Premature Ejaculation: A New Systematic Review and Meta-analysis - Urology
- 14.
Tramadol Use in Premature Ejaculation: Daily Versus Sporadic Treatment - Sage Journals
Why Should You Trust Us?
Why Should You Trust Us?
This article was written by Dr. Srishti Rastogi, who has more than 1 years of experience in the healthcare industry.
Allo has the expertise of over 50+ doctors who have treated more than 1.5 lakh patients both online and offline across 30+ clinics.
Our mission is to provide reliable, accurate, and practical health information to help you make informed decisions.
For This Article
- We reviewed over 16 top-ranking articles on premature ejaculation to ensure our content is comprehensive, accurate, and up-to-date.
- We analyzed key scientific research papers covering psychological, sexual health, and neurochemical aspects related to the topic.
- We explored real user discussions on social media platforms like Instagram, Twitter, and YouTube to understand common concerns and questions.
- We studied conversations from forums such as Reddit and other health communities to gain deeper insights into people’s experiences and challenges.
- We incorporated internal data from Allo Health’s database of 1000+ patients who sought help for premature ejaculation and shared their outcomes.