सेक्स के साइड इफेक्ट्स: अनप्रोटेक्टेड, पीरियड्स और ज़रूरत से ज़्यादा सेक्स
Written by Dr. Srishti Rastogi
Dr. Srishti Rastogi is a medical writer and healthcare professional dedicated to high-quality patient education and public health awareness. Leveraging her clinical background, she produces deeply researched, evidence-based content for digital health platforms and medical publications. Dr. Srishti’s unique dual perspective as a clinician and communicator allows her to craft content that builds trust and credibility with readers navigating sensitive health topics.
•
August 26, 2025
Our experts continually monitor the health and wellness space, and we update our articles when new information becomes available.
संक्षेप
सेक्स अच्छा और नेचुरल अनुभव है, लेकिन बिना प्रोटेक्शन या ज़रूरत से ज़्यादा करने पर इसके नुकसान भी हो सकते हैं। अनप्रोटेक्टेड सेक्स से प्रेगनेंसी और यौन रोग (STIs) का खतरा बढ़ता है, पीरियड्स के दौरान इंफेक्शन का रिस्क रहता है, और बहुत ज़्यादा या बिल्कुल सेक्स न करने से शरीर और मन दोनों प्रभावित हो सकते हैं। सही जानकारी, साफ-सफाई और प्रोटेक्शन से आप सेक्स को सुरक्षित और सुखद बना सकते हैं।
सेक्स न सिर्फ एक नेचुरल और अच्छा महसूस करने वाला अनुभव होता है, बल्कि यह इमोशनल जुड़ाव का जरिया भी बनता है. लेकिन जैसे हर चीज़ के फायदे और नुकसान होते हैं, वैसे ही इसके भी कुछ संभावित साइड इफेक्ट्स होते हैं, जैसे अनचाही प्रेगनेंसी का डर, यौन संक्रमण (STIs), या फिर मानसिक तनाव और पछतावा। वहीं कभी-कभी ज़रूरत से ज़्यादा सेक्स या लंबे समय तक सेक्स न करने से भी शरीर और मन पर असर पड़ सकता है। इस लेख में हम बात करेंगे अनप्रोटेक्टेड सेक्स से होने वाले असर, पीरियड्स में सेक्स करते समय ध्यान रखने वाली बातें, और ये भी कि अगर आप बहुत ज़्यादा या बिल्कुल सेक्स नहीं कर रहे हैं, तो क्या हो सकता है, जिससे आप भी सेक्स के हर अनुभव को अच्छा बना सकें।
Allo asks
सेक्स को लेकर आपकी सबसे बड़ी चिंता क्या है?
अनप्रोटेक्टेड सेक्स के साइड इफेक्ट्स
- अनचाही प्रेगनेंसी: अगर आपने बिना गर्भनिरोधक उपायों के सेक्स किया है तो प्रेगनेंसी का खतरा बहुत बढ़ जाता है क्योंकि एक बार शरीर में जाने के बाद, स्पर्म 5–7 दिन तक जीवित रह सकते हैं और ओवुलेशन के दौरान एग को फर्टिलाइज कर सकते हैं [1]।
- यौन संक्रामक रोग (STIs): बिना कंडोम या प्रोटेक्शन के सेक्स करने से गोनोरिया, सिफलिस, HPV और क्लैमिडिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ये इन्फेक्शन्स कई बार बिना लक्षणों के भी शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे बांझपन और कुछ मामलों में कैंसर (HPV से) का भी खतरा रहता है [2]।
- HIV/AIDS का खतरा: अगर आपने किसी ऐसे व्यक्ति के साथ सेक्स किया है जो HIV पॉजिटिव हो सकता है, तो आपको 72 घंटों के अंदर ही PEP (Post-Exposure Prophylaxis) लेना चाहिए। यह 28 दिन तक चलने वाली दवाओं का कोर्स होता है जो इन्फेक्शन के खतरे को घटा सकता है [3]।
- यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI): सेक्स के तुरंत बाद पेशाब न करने पर पेशाब की नली में बैक्टीरिया घुस सकते हैं जिससे इंफेक्शन हो सकता है। इसलिए सेक्स के बाद पेशाब करना और साफ-सफाई बनाए रखना जरूरी है।
- मानसिक और भावनात्मक असर: अगर आपने बिना किसी प्रोटेक्शन के सेक्स किया है, तो सेक्स के बाद आपके मन में शर्म, डर, पछतावा जैसी भावनाएं आ सकती हैं, खासकर अगर आप अभी प्रेग्नेंट नहीं होना चाहते तो। इससे मानसिक तनाव बढ़ता है, और आपके रिश्तों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।
- 72 घंटे (3 दिन) के अंदर इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव (ECP) लें
- 5 दिनों के अंदर कॉपर टी (IUD) लगवाना ज्यादा अच्छा ऑप्शन है
- 2–3 हफ्तों बाद प्रेगनेंसी टेस्ट ज़रूर करें
- 2 हफ्ते बाद STI टेस्ट ज़रूर करवाएं अगर आपको पार्टनर की स्तिथि का पता नहीं है तो
- HIV PEP लेने के बारे में डॉक्टर से बात करें [3]
पीरियड्स के दौरान सेक्स के साइड इफेक्ट्स
पीरियड्स के समय सेक्स करना कुछ कपल्स के लिए पूरी तरह नॉर्मल और आरामदायक अनुभव हो सकता है, लेकिन इसमें कुछ साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं, खासकर अगर आप पहली बार कर रहे हों, जैसे:
- थोड़ा ज़्यादा ब्लीडिंग हो सकती है: पीरियड्स के दौरान यूट्रस की नसें पहले से ही थोड़ी सूजी रहती हैं, तो सेक्स के समय उनमें दबाव पड़ने से खून का बहाव और बढ़ सकता है [4]।
- सूखापन महसूस हो सकता है: अगर आपने कुछ देर पहले टैम्पोन निकाला है, तो योनि की नमी कुछ समय के लिए कम हो सकती है। इससे सेक्स करते समय जलन या परेशानी हो सकती है। इससे बचने के लिए पानी आधारित ल्यूब (चिकनाई) का इस्तेमाल करें [4]।
- इंफेक्शन का रिस्क ज़्यादा होता है: पीरियड्स के दौरान शरीर का pH लेवल बदलता है, जिससे यीस्ट इन्फेक्शन या बैक्टीरियल वेजिनोसिस का खतरा बढ़ जाता है [4]।
- HIV या STI का खतरा: क्योंकि खून के ज़रिए HIV और कुछ अन्य इन्फेक्शन्स आसानी से फैल सकते हैं, इसलिए बिना प्रोटेक्शन के सेक्स न करें।
- अगर आपने टैम्पोन नहीं हटाया: अगर आप गलती से टैम्पोन हटाना भूल जाएं, तो सेक्स के दौरान वह अंदर धकेला जा सकता है, जिससे इंफेक्शन हो सकता है और डॉक्टर की मदद लेनी पड़ सकती है।
- प्रेगनेंसी का भी खतरा: अगर आप यह सोच रहे हैं कि यह मिथ है कि पीरियड्स के दौरान प्रेगनेंसी नहीं हो सकती, तो आप गलत हैं। पीरियड्स के समय प्रेगनेंसी के चान्सेस काम ज़रूर होते हैं, पर जीरो कभी नहीं होते, खासकर अगर आपका साइकल छोटा है और ओवुलेशन जल्दी होता है, तो प्रेगनेंसी की संभावना बनी रहती है [4]।
बहुत ज़्यादा सेक्स करने के साइड इफेक्ट्स
वैसे तो सेक्स एक स्वस्थ और अच्छा अनुभव होता है, लेकिन अगर ये ज़रुरत से ज्यादा बिना आराम या सहमति के हो रहा हो तो यह शरीर पर तो असर डालता ही है, साथ ही साथ मानसिक तनाव और रिश्तों पर भी असर डालता है. आइये, देखते हैं कि इसके क्या क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं: महिलाओं में:
- योनि और लेबिया में सूजन और जलन
- सूखापन और रगड़ से चुभन या जलन
- बार-बार इन्फेक्शन का खतरा (UTI, यीस्ट इन्फेक्शन)
- थकान और अकड़न
अगर सेक्स के बाद आपको दर्द, जलन, या बार-बार इन्फेक्शन जैसी समस्या हो रही है, तो इसे नज़रअंदाज़ मत कीजिए। ये छोटे लक्षण आगे बड़ी परेशानी का कारण बन सकते हैं।
पुरुषों में:
- लिंग की त्वचा में रगड़ से जलन या छिलना
- पेशाब करने में तकलीफ
- सूजन और दर्द
- थकान और अकड़न
रोजाना सेक्स करना हर किसी के लिए नुकसानदायक नहीं होता, लेकिन अगर इससे शरीर में दर्द, जलन या भावनात्मक थकावट हो रही है, तो यह एक इशारा हो सकता है कि आपको थोड़ा ब्रेक लेने की ज़रूरत है।
सेक्स न करने के साइड इफेक्ट्स
- ब्लड प्रेशर बढ़ना: सेक्स न करने और उसकी कमी से उपजा तनाव ब्लड प्रेशर (बीपी) को बढ़ा सकता है।
- इम्यून सिस्टम का कमजोर होना: नियमित सेक्स से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है, खासकर IgA नामक तत्व की वजह से। इसकी कमी से शरीर इन्फेक्शन के प्रति कमज़ोर हो सकता है [5]।
- पेल्विक मसल्स का कमजोर होना: सेक्स से पेल्विक फ्लोर मजबूत होता है। सेक्स न होने पर ये मांसपेशियाँ कमजोर हो सकती हैं []।
- वजन बढ़ना: सेक्स से कैलोरी बर्न होती है। इसकी कमी मेटाबॉलिज्म पर असर डाल सकती है [6]।
- प्रोस्टेट हेल्थ: कुछ अध्ययनों में देखा गया है कि महीने में कम इजैक्युलेशन (स्खलन) करने वालों में प्रोस्टेट कैंसर का रिस्क ज्यादा पाया गया [7]।
मानसिक असर:
- उदासी: सेक्स के दौरान रिलीज़ होने वाले 'हैप्पी हार्मोन' की कमी से उदासी महसूस हो सकती है [8]।
- तनाव और बेचैनी: सेक्स एक नेचुरल स्ट्रेस रिलीवर है। इसकी कमी से चिंता बढ़ सकती है [9]।
- रिश्तों पर असर: लंबे समय तक सेक्स न होना कुछ लोगों को रिलेशनशिप में असुरक्षित या दूर महसूस करा सकता है, जिससे भावनात्मक दूरी आ सकती है।
- यौन समस्याएं: लंबे समय तक सेक्स न करने से महिलाओं में योनि टिशू में ड्राइनेस और पुरुषों में ED की संभावना बढ़ सकती है [10]।
- याद्दाश्त और नींद पर असर: नियमित सेक्स से याद्दाश्त बेहतर हो सकती है और नींद भी गहरी आती है। इसकी कमी से दोनों पर असर हो सकता है [11]।
निष्कर्ष
हालांकि, कुछ लोगों के लिए सेक्स से दूरी मानसिक शांति और आत्म-संयम का जरिया भी हो सकती है। यह पूरी तरह से आपकी चॉइस है। ज़रूरी है कि आप खुद से जुड़े रहें, और जो भी निर्णय लें, वह आपके शरीर, मन और जीवनशैली के अनुकूल हो। और अगर आपको लगता है कि सेक्स न करने की वजह से आप तनाव ले रहे हैं, चिड़चिड़े हो रहे हैं या फिर इसका असर आपके शादीशुदा जीवन पर पड़ रहा है, तो अपने पार्टनर से इस बारे में बात करें और ज़रुरत पड़ने पर थेरेपी लेना न चूकें।
डिस्क्लेमर
निम्नलिखित लेख विभिन्न विषयों पर सामान्य जानकारी प्रदान करता है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि प्रस्तुत की गई जानकारी किसी विशिष्ट क्षेत्र में पेशेवर सलाह के रूप में नहीं है। यह लेख केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। इस लेख को किसी भी उत्पाद, सेवा या जानकारी के समर्थन, सिफारिश या गारंटी के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए। पाठक इस ब्लॉग में दी गई जानकारी के आधार पर लिए गए निर्णयों और कार्यों के लिए पूरी तरह स्वयं जिम्मेदार हैं। लेख में दी गई किसी भी जानकारी या सुझाव को लागू या कार्यान्वित करते समय व्यक्तिगत निर्णय, आलोचनात्मक सोच और व्यक्तिगत जिम्मेदारी का प्रयोग करना आवश्यक है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या सेक्स करने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है?
हाँ, शोध बताते हैं कि नियमित और सुरक्षित सेक्स से शरीर में रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ सकती है क्योंकि यह एंडॉर्फिन्स और एंटीबॉडी लेवल को बढ़ाता है।
क्या पीरियड्स के दौरान सेक्स करना सुरक्षित है?
अगर दोनों पार्टनर की सहमति हो, तो पीरियड्स के दौरान सेक्स करना मेडिकल रूप से सुरक्षित है। बस हाइजीन और सुरक्षा (जैसे कंडोम) का ध्यान रखना जरूरी है।
क्या बार-बार सेक्स करने से कमजोरी आती है?
नहीं, सामान्य और सहमति पर आधारित सेक्स से कमजोरी नहीं आती। उल्टा, यह कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ, मूड और स्लीप क्वालिटी में सुधार ला सकता है।
क्या सेक्स से मेंटल हेल्थ को फायदा होता है?
हाँ, सेक्स से तनाव कम होता है, खुशी के हार्मोन रिलीज होते हैं और व्यक्ति भावनात्मक रूप से अधिक कनेक्टेड महसूस कर सकता है।
क्या हर बार सेक्स में ऑर्गेज्म होना जरूरी है?
नहीं। हर बार ऑर्गैज़्म न होना सामान्य है, खासकर महिलाओं के लिए। सेक्स का अनुभव सिर्फ ऑर्गैज़्म तक सीमित नहीं होता, बल्कि जुड़ाव और संतुष्टि भी ज़रूरी पहलू हैं।
Sources
- 1.
How long do sperm live after ejaculation?
- 2.
Alarming decline in adolescent condom use, increased risk of sexually transmitted infections and unintended pregnancies, reveals new WHO report
- 3.
PEP to Prevent HIV Infection
- 4.
Association between Sexual Activity during Menstruation and Endometriosis: A Case-Control Study
- 5.
Sexual Frequency and Salivary Immunoglobulin A (IgA)
- 6.
A strong pelvic floor is associated with higher rates of sexual activity in women with pelvic floor disorders
- 7.
Energy Expenditure during Sexual Activity in Young Healthy Couples
- 8.
Sexuality leads to boosts in mood and meaning in life with no evidence for the reverse direction: A daily diary investigation
- 9.
Sexual Healing
- 10.
Regular intercourse protects against erectile dysfunction: Tampere Aging Male Urologic Study
- 11.
Frequent Sex is Linked to Better Memory