Erectile Dysfunction (नपुंसकता) का इलाज: दवाएं, थेरेपी और मेडिकल विकल्प
Written by Dr. Srishti Rastogi
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January 19, 2026
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संक्षेप
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (ED) का इलाज कई तरीकों से किया जा सकता है जैसे जीवनशैली में सुधार, दवाइयाँ (वियाग्रा, सिआलिस, लेवित्रा), लगाने वाली क्रीम, इंजेक्शन, सपोजिटरीज़, वैक्यूम डिवाइस, और ज़रूरत पड़ने पर पेनाइल इम्प्लांट या सर्जरी। कुछ लोग हर्बल सप्लीमेंट्स, कीगल एक्सरसाइज और एक्यूपंक्चर जैसे विकल्प भी अपनाते हैं। अगर आप सोच रहे हैं कि इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के लिए सर्वोत्तम दवा क्या है, तो इसका सही जवाब आपकी सेहत के हिसाब से डॉक्टर ही दे सकते हैं।
इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ED) एक आम लेकिन अक्सर गलत समझी जाने वाली समस्या है। बहुत-से पुरुष इसे उम्र, कमजोरी या “लाइलाज” मान लेते हैं, जबकि असल में यह शरीर और दिमाग के बीच तालमेल से जुड़ी एक मेडिकल स्थिति होती है।[1] कभी-कभार इरेक्शन में कमी आना सामान्य हो सकता है, लेकिन जब यह समस्या बार-बार होने लगे या इरेक्शन टिक न पाए, तब इसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। ED को समझना इसलिए ज़रूरी है क्योंकि इसका इलाज एक ही तरीके से सभी के लिए काम नहीं करता। सही इलाज तभी चुना जा सकता है, जब पहले यह साफ हो कि समस्या की जड़ कहाँ है। बिना वजह समझे दवा या उपाय शुरू करना अक्सर अधूरा या अस्थायी समाधान देता है।
इरेक्टाइल डिसफंक्शन के कारण क्या हो सकते हैं?
इरेक्टाइल डिसफंक्शन के पीछे एक से ज़्यादा कारण हो सकते हैं, और कई बार ये कारण एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। मोटे तौर पर ED के कारणों को तीन मुख्य हिस्सों में समझा जा सकता है।[2]
1. मानसिक कारण (Psychological Causes)
जवान उम्र में ED के सबसे आम कारण मानसिक होते हैं। परफॉर्मेंस एंग्ज़ायटी, तनाव, डर, आत्मविश्वास की कमी या बार-बार “इरेक्शन आएगा या नहीं” जैसी सोच दिमाग के नैचुरल सिग्नल को दबा देती है।[3] ऐसे मामलों में लिंग पूरी तरह स्वस्थ होता है, लेकिन दिमाग सही प्रतिक्रिया नहीं दे पाता।
2. शारीरिक कारण (Physical Causes)
कुछ पुरुषों में ED शरीर की अंदरूनी समस्याओं से जुड़ा होता है, जैसे:
- ब्लड फ्लो की कमी
- डायबिटीज़
- हाई ब्लड प्रेशर
- हार्मोनल असंतुलन (कम टेस्टोस्टेरोन)
- दिल या नसों से जुड़ी बीमारियाँ
इन स्थितियों में लिंग तक पर्याप्त खून नहीं पहुँच पाता या हार्मोन सपोर्ट कम हो जाता है, जिससे इरेक्शन कमजोर पड़ता है।[4]
3. लाइफस्टाइल से जुड़े कारण (Lifestyle Factors)
गलत जीवनशैली भी धीरे-धीरे ED की वजह बन सकती है, जैसे:
- स्मोकिंग
- ज़्यादा शराब
- मोटापा
- शारीरिक एक्टिविटी की कमी
- नींद की लगातार कमी
ये आदतें नसों और हार्मोन दोनों पर असर डालती हैं।
इरेक्टाइल डिसफंक्शन का इलाज कैसे किया जाता है?
अगर समस्या लंबे समय से बनी हुई है या वजह स्पष्ट नहीं है, तो डॉक्टर पहले ED की जांच कैसे की जाती है और कौन-से टेस्ट ज़रूरी होते हैं, यह समझने की सलाह देते हैं। जांच के बाद ही सही इलाज चुना जाता है।[5] इसलिए डॉक्टर किसी एक दवा या उपाय से इलाज शुरू नहीं करते, बल्कि धीरे-धीरे और समझदारी से इलाज आगे बढ़ाते हैं। आमतौर पर डॉक्टर सबसे पहले सरल और सुरक्षित तरीकों को आज़माते हैं, जैसे लाइफस्टाइल में बदलाव या हल्की दवाइयाँ। अगर इनसे पूरा फायदा नहीं मिलता, तब अगले स्तर के इलाज की ओर बढ़ा जाता है। इसका मकसद यह होता है कि मरीज को कम से कम साइड इफेक्ट के साथ सबसे अच्छा परिणाम मिले।
1. लाइफस्टाइल में बदलाव: इलाज की नींव
कई पुरुषों में केवल लाइफस्टाइल सुधार से ही इरेक्शन में स्पष्ट सुधार देखा जाता है, खासकर जब ED हल्के से मध्यम स्तर का हो।
क्या करना ज़रूरी है?
- नियमित एक्सरसाइज़: हफ्ते में कम से कम 150–160 मिनट तेज़ चलना, साइक्लिंग या स्विमिंग
- वज़न नियंत्रण: मोटापा ED के इलाज को मुश्किल बना देता है
- स्मोकिंग छोड़ना: स्मोकिंग लिंग की नसों को नुकसान पहुँचाती है
- शराब सीमित करना: ज़्यादा शराब इरेक्शन को कमजोर करती है
- अच्छा खान-पान अपनाएँ: फल, हरी सब्ज़ियाँ, दालें, साबुत अनाज और नट्स खाएँ; जंक फूड कम करें
कितना समय लगता है? लाइफस्टाइल सुधार का सबसे अहम हिस्सा होता है लिंग में ब्लड सर्कुलेशन कैसे बढ़ाएं, पर काम करना, क्योंकि इरेक्शन की मजबूती सीधे खून के बहाव से जुड़ी होती है। आमतौर पर 3 से 6 महीने में धीरे-धीरे सुधार दिखता है।
2. ED की दवाइयाँ (PDE5 Inhibitors): पहला मेडिकल इलाज
जब लाइफस्टाइल में बदलाव करने के बाद भी इरेक्शन में पूरा सुधार न हो, तब डॉक्टर आमतौर पर ओरल दवाइयों की सलाह देते हैं। ये दवाइयाँ ED का सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाला और भरोसेमंद इलाज मानी जाती हैं।[6]
प्रमुख दवाइयाँ
- Sildenafil (Viagra): 30–60 मिनट में असर दिखता है
- Tadalafil (Cialis): 24–36 घंटे तक असर बना रहता है
- Vardenafil (Levitra): असर Sildenafil जैसा
- Avanafil (Stendra): करीब 15 मिनट में असर शुरू
ये दवाइयाँ कैसे काम करती हैं?
ये दवाइयाँ लिंग की नसों को रिलैक्स करके वहाँ रक्त प्रवाह बढ़ाती हैं, जिससे इरेक्शन ज़्यादा मजबूत और लंबे समय तक बना रहता है। लेकिन ध्यान रखें, ये दवाइयाँ सेक्सुअल उत्तेजना होने पर ही काम करती हैं।
ये दवाइयां कितनी प्रभावी हैं?
- लगभग 60–80% पुरुषों में अच्छे परिणाम मिलते हैं
- अगर एक दवा असर न करे, तो दूसरी दवा फायदेमंद हो सकती है
ज़रूरी सावधानियाँ
- ये दवाइयाँ हमेशा डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन से ही लें
- हार्ट के मरीज या नाइट्रेट दवाइयाँ लेने वाले पुरुष बिना सलाह न लें
ED की दवाएँ बिना डॉक्टर की सलाह के लेना खतरनाक हो सकता है। सुरक्षित इलाज के लिए विशेषज्ञ से परामर्श लें।
3. हार्मोन थेरेपी: जब टेस्टोस्टेरोन कम हो
कुछ पुरुषों में ED का मुख्य कारण टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की कमी होती है। ऐसे मामलों में सिर्फ ED की दवाइयाँ देने से पूरा फायदा नहीं मिलता, जब तक हार्मोन लेवल को ठीक न किया जाए।
हार्मोन थेरेपी कब दी जाती है?
डॉक्टर हार्मोन थेरेपी पर तभी विचार करते हैं जब:
- ब्लड टेस्ट में टेस्टोस्टेरोन लेवल कम पाया जाए
- साथ में थकान, सेक्स की इच्छा में कमी, मसल कम होना या ऊर्जा की कमी जैसे लक्षण भी हों
हार्मोन थेरेपी से कुछ पुरुषों में सेक्स ड्राइव और दवाओं का असर दोनों बेहतर हो जाता है। लेकिन हार्मोन थेरेपी हमेशा डॉक्टर की निगरानी में की जाती है, क्योंकि गलत इस्तेमाल से साइड इफेक्ट हो सकते हैं।
4. इंजेक्शन थेरेपी और यूरिनरी दवाइयाँ
अगर टैबलेट लेने के बाद भी इरेक्शन में सुधार न हो, तो डॉक्टर लोकल ट्रीटमेंट की सलाह दे सकते हैं। ये दवाइयाँ सीधे लिंग पर असर करती हैं और तेज़ परिणाम देती हैं।
उपलब्ध विकल्प
- Penile Injection (Alprostadil): लिंग में दिया जाने वाला इंजेक्शन, जो 10–20 मिनट में मजबूत इरेक्शन पैदा करता है
- Intraurethral Pellet (MUSE): एक छोटी गोली, जो पेशाब के रास्ते से दी जाती है
यह कितनी असरदार हैं?
- इंजेक्शन थेरेपी में लगभग 80% तक सफलता दर देखी गई है
- खासकर उन पुरुषों में जिन पर टैबलेट असर नहीं करती
सावधानी: गलत तरीके या ज़्यादा मात्रा में इस्तेमाल करने पर दर्द या प्रायपिज़्म (लंबे समय तक बना रहने वाला इरेक्शन) का खतरा हो सकता है। इसलिए यह इलाज डॉक्टर की ट्रेनिंग और सलाह के साथ ही किया जाता है।
5. वैक्यूम इरेक्शन डिवाइस (Penis Pump)
पेनिस पंप एक बिना दवा वाला और सुरक्षित इलाज है, खासकर उन पुरुषों के लिए जो दवाइयाँ नहीं लेना चाहते या नहीं ले सकते।
यह कैसे काम करता है?
- पंप की मदद से लिंग के आसपास वैक्यूम बनाया जाता है
- इससे लिंग में रक्त भरता है और इरेक्शन आता है
- फिर एक रिंग लगाकर इरेक्शन को बनाए रखा जाता है
पेनिस पंप किसके लिए फायदेमंद होता है?
- जिन्हे दवाइयों से फायदा नहीं हो रहा
- हार्ट पेशेंट्स
- सर्जरी के बाद रिकवरी के समय के लिए
- थोड़ी प्रैक्टिस के बाद ज़्यादातर पुरुष इसे आराम से इस्तेमाल कर लेते हैं।
6. शॉकवेव थेरेपी (LiSWT): उभरता हुआ इलाज
शॉकवेव थेरेपी एक ऐसा इलाज है जिसमें किसी तरह की सर्जरी या दवा नहीं दी जाती। इसमें लिंग पर हल्की तरंगें (शॉकवेव) दी जाती हैं, जो समस्या की जड़ पर काम करती हैं, सिर्फ लक्षण छुपाने का काम नहीं करतीं।[7] यह खासतौर पर उन मामलों में मददगार हो सकता है जहाँ समस्या नसों से जुड़ी हो, जैसे कि वेनोजेनिक इरेक्टाइल डिसफंक्शन।
यह कैसे मदद करती है?
- लिंग की कमज़ोर नसों को ठीक करने में मदद करती है
- लिंग में खून का बहाव बेहतर बनाती है
- इससे कुछ पुरुषों में नेचुरल इरेक्शन वापस आने लगता है
इससे किसे ज़्यादा फायदा होता है?
- जिन पुरुषों को हल्की या मध्यम ED हो
- जिनकी समस्या खून के सही बहाव से जुड़ी हो
यह इलाज दर्द रहित होता है और कुछ सेशन्स में किया जाता है। लेकिन यह हर किसी के लिए नहीं होता, इसलिए डॉक्टर जांच के बाद ही इसकी सलाह देते हैं।
7. सर्जिकल इलाज: पेनाइल इम्प्लांट
जब दवाइयाँ, इंजेक्शन, पंप या अन्य इलाज काम न करें, तब Penile Implant Surgery एक स्थायी और असरदार विकल्प मानी जाती है। यह इलाज आमतौर पर आख़िरी विकल्प के तौर पर चुना जाता है।
इसमें क्या होता है?
- लिंग के अंदर एक खास डिवाइस लगाई जाती है
- जरूरत पड़ने पर इरेक्शन पाया जा सकता है
इसे क्यों चुना जाता है?
- 90% से अधिक पुरुष और उनके पार्टनर संतुष्ट पाए गए हैं
- इसका असर 15–20 साल तक बना रह सकता है
यह फैसला डॉक्टर से पूरी जानकारी, जांच और काउंसलिंग के बाद ही लिया जाता है।
8. आयुर्वेदिक और सप्लीमेंट्स: सहायक भूमिका
कुछ आयुर्वेदिक और हर्बल सप्लीमेंट्स ED में मददगार हो सकते हैं, लेकिन इन्हें मुख्य इलाज का विकल्प नहीं माना जाता।
सीमित प्रमाण वाले विकल्प
- Panax Ginseng: कुछ मामलों में हल्का सुधार
- L-Arginine: आमतौर पर अन्य दवाओं के साथ मिलाकर
ज़रूरी सावधानी: सप्लीमेंट्स में मिलावट, गलत मात्रा और दवाओं के साथ इंटरैक्शन का खतरा होता है। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के इनका सेवन नहीं करना चाहिए।
ईडी का सबसे प्रभावी इलाज कौन-सा है? (नपुंसकता दूर करने के उपाय)
नपुंसकता (Erectile Dysfunction) का एक ही इलाज सभी पुरुषों के लिए सही नहीं होता। नपुंसकता का सबसे अच्छा इलाज वही होता है, जो आपके शरीर की हालत, उम्र, बीमारी और समस्या की वजह को ध्यान में रखकर तय किया जाए। डॉक्टर आमतौर पर नपुंसकता दूर करने के उपाय एक साथ अपनाते हैं, ताकि इलाज ज़्यादा असरदार और सुरक्षित रहे।
सबसे अच्छे नतीजे कब मिलते हैं?
अक्सर नपुंसकता का इलाज तब सबसे ज़्यादा काम करता है जब:
- लाइफस्टाइल में सुधार किया जाए (एक्सरसाइज़, अच्छा खान-पान, स्मोकिंग छोड़ना)
- सही नपुंसकता की दवा डॉक्टर की सलाह से ली जाए
- तनाव, घबराहट या परफॉर्मेंस एंग्ज़ायटी के लिए मानसिक सपोर्ट लिया जाए
इस तरह का इलाज किसी एक उपाय से नहीं, बल्कि कॉम्बिनेशन ट्रीटमेंट से सफल होता है।
निष्कर्ष
इरेक्टाइल डिसफंक्शन कोई एक वजह से होने वाली समस्या नहीं है और न ही इसका कोई एक इलाज सभी के लिए सही होता है। सही उपचार तभी संभव है जब समस्या की वजह को समझकर इलाज को धीरे-धीरे और सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाया जाए। लाइफस्टाइल सुधार से लेकर दवाइयों, थेरेपी और ज़रूरत पड़ने पर सर्जरी तक, आज ED के लिए कई प्रभावी और वैज्ञानिक इलाज उपलब्ध हैं। सबसे ज़रूरी बात यह है कि खुद से अनुमान लगाकर इलाज शुरू करने के बजाय डॉक्टर से सलाह ली जाए। सही जानकारी और समय पर इलाज से ज़्यादातर पुरुषों में इरेक्शन और आत्मविश्वास दोनों में स्पष्ट सुधार देखा जा सकता है।
डिस्क्लेमर
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन क्या है?||इरेक्टाइल डिस्फंक्शन क्या है?
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (ED) एक ऐसी स्थिति है जहाँ एक पुरुष को इरेक्शन बनाए रखने में कठिनाई होती है। यह आमतौर पर तनाव, बीमारी या उम्र बढ़ने के कारण हो सकता है।||इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (ED) एक ऐसी स्थिति है जहाँ एक पुरुष को इरेक्शन बनाए रखने में कठिनाई होती है। यह आमतौर पर तनाव, बीमारी या उम्र बढ़ने के कारण हो सकता है।
ED के इलाज के क्या विकल्प हैं?||ED के इलाज के क्या विकल्प हैं?
ED का इलाज दवाइयों, थेरेपी और जीवनशैली में बदलाव से किया जा सकता है। डॉक्टर अक्सर वियाग्रा या सियालिस जैसी दवाइयां लिखते हैं। साथ ही, काउंसलिंग और शारीरिक व्यायाम भी मदद कर सकते हैं।
ED के लिए जीवनशैली में क्या बदलाव करने चाहिए?||ED के लिए जीवनशैली में क्या बदलाव करने चाहिए?
धूम्रपान छोड़ना, वजन घटाना, और नियमित व्यायाम करना ED के इलाज में मददगार हो सकता है। स्वस्थ आहार लेना और तनाव कम करना भी जरूरी है।||धूम्रपान छोड़ना, वजन घटाना, और नियमित व्यायाम करना ED के इलाज में मददगार हो सकता है। स्वस्थ आहार लेना और तनाव कम करना भी जरूरी है।
क्या ED पूरी तरह से ठीक हो सकता है?||क्या ED पूरी तरह से ठीक हो सकता है?
कई मामलों में, ED का इलाज संभव है, लेकिन यह व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और उसकी जीवनशैली पर निर्भर करता है। नियमित डॉक्टरी जाँच और उपचार पालन से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।||कई मामलों में, ED का इलाज संभव है, लेकिन यह व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और उसकी जीवनशैली पर निर्भर करता है। नियमित डॉक्टरी जाँच और उपचार पालन से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।
ED के लिए डॉक्टर से कब संपर्क करना चाहिए?
अगर आपको कई महीनों तक इरेक्शन में कठिनाई हो रही है, तो इसका इलाज करवाने के लिए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। जल्दी इलाज से बेहतर और तेज़ परिणाम मिल सकते हैं।||अगर आपको कई महीनों तक इरेक्शन में कठिनाई हो रही है, तो इसका इलाज करवाने के लिए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। जल्दी इलाज से बेहतर और तेज़ परिणाम मिल सकते हैं।
Sources
- 1.
Erectile Dysfunction - ED
- 2.
Erectile dysfunction: causes, assessment and management options
- 3.
Erectile dysfunction
- 4.
Erectile dysfunction – an update of current practice and future strategies
- 5.
Erectile Dysfunction: AUA Guideline (2018)
- 6.
Research in pharmacotherapy for erectile dysfunction
- 7.
Emerging tools for erectile dysfunction: A role for regenerative medicine