Erectile Dysfunction / Ling Ka Dhilapan Kaise Door Kare

लिंग का ढीला रहना: कब सामान्य है और कब चिंता की बात?

Written by Dr. Srishti Rastogi
January 30, 2026
लिंग का ढीला रहना: कब सामान्य है और कब चिंता की बात?

Ling me dhilapan, ling dhila hai to kya karen, और ling dhilapan ko kaise dur kare जैसे सवाल आज के समय में कई पुरुषों के मन में उठते हैं। खासकर तब जब वे सेक्स के दौरान बार-बार असहज महसूस करते हैं या आत्मविश्वास में कमी अनुभव करते हैं। लेकिन क्या यह समस्या गंभीर है? इसका समाधान क्या है? इस लेख में हम लिंग ढीला रहने की वजहें और उनके इलाज (ling  dhilapan ka upchar) को आसान भाषा में समझाएंगे। भारत में 20-29 साल तक लगभग 6% पुरुषों को यह समस्या होती है। 40 साल की उम्र के बाद लगभग 40% पुरुषों को किसी न किसी स्तर पर ED का अनुभव होता है, और यह आंकड़ा उम्र के साथ और भी बढ़ता जाता है और 70 साल के करीब आते-आते 70% पुरुषों को ED की समस्या होती है [1]।

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क्या लिंग सामान्य स्थिति में भी ढीला ही रहता है?

जी हाँ, जब तक कोई व्यक्ति यौन रूप से उत्तेजित नहीं होता, तब तक लिंग ढीला ही रहेगा। यह शरीर की सामान्य स्थिति होती है, न कि कोई बीमारी। शरीर के अंदर कुछ मांसपेशियाँ और नसें इस बात का ध्यान रखती हैं कि जब तक ज़रूरत न हो, लिंग में ज्यादा खून न जाए। इस वजह से लिंग आराम की स्थिति में मुलायम (flaccid) बना रहता है। और जब व्यक्ति उत्तेजित होता है, तब दिमाग से एक संदेश लिंग तक पहुँचता है, जिससे लिंग की मांसपेशियाँ रिलैक्स हो जाती हैं। फिर लिंग में खून भरता है और वह सख्त हो जाता है। इस सख्त होने को ही इरेक्शन कहा जाता है। जैसे ही उत्तेजना ख़त्म होती है, मांसपेशियां फिर से सिकुड़ जाती हैं, नसें खुल जाती हैं और खून वापस बह जाता है जिससे लिंग वापस से ढीला हो जाता है।  लिंग का ढीलापन (ling ka dheelapan) कब समस्या बन जाता है? यदि आप बार-बार यह सोचते हैं कि ling dhila hai to kya karen, तो इसका मतलब है कि यह आपकी मानसिक शांति और यौन जीवन को प्रभावित कर रहा है।, जिसे मेडिकल भाषा में इरेक्टाइल डिसफंक्शन/स्तंभन दोष/ईडी के नाम से जाता है। इसलिए कई लोग जब “लिंग ढीला है” बोलते हैं, तो वे अनजाने में ईडी की ही बात कर रहे होते हैं। इसके लक्षण होते हैं:

  • उत्तेजना के बाद भी लिंग खड़ा नहीं हो पाता
  • सेक्स के दौरान लिंग जल्दी ढीला हो जाता है
  • यौन इच्छा के बावजूद शरीर की प्रतिक्रिया का न मिलना
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लिंग में ढीलापन की समस्या को ठीक करने के लिए आपकी पहली पसंद क्या होगी?

लिंग के ढीलेपन के कारण

अब बात करते हैं कि ling ka dhila hone ke karan क्या हैं। लिंग की सख्ती पर असर डालने वाले मुख्य कारण होते हैं:

  • शारीरिक कारण:
  1. ब्लड सर्कुलेशन की समस्या: अगर शरीर में खून अच्छे से नहीं बहता है, तो लिंग में भी पूरा खून नहीं पहुंचता, जिसकी वजह से लिंग पूरा खड़ा नहीं हो पाता है। दिल की बीमारी, हाई बीपी और डायबिटीज जैसी बीमारियाँ इसका कारण बन सकती हैं [2]।
  2. नसों की समस्या: अगर रीढ़ की हड्डी या नसों में कोई चोट हो जाए, तो दिमाग से लिंग तक जो संदेश जाना चाहिए वो नहीं पहुँचता। इससे लिंग में उत्तेजना के बाद भी कोई बदलाव नहीं आता।
  3. हार्मोनल असंतुलन: अगर शरीर में टेस्टोस्टेरोन नाम का हार्मोन, जो पुरुषों के लिए बहुत ज़रूरी हॉर्मोन होता है, कम हो जाए, तो सेक्स की इच्छा भी कम हो जाती है और लिंग भी सख्त नहीं हो पाता।
  4. पैरोनी डिजीज (Peyronie Disease): यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें लिंग में अंदर से स्कार यानी जख्म के निशान बन जाते हैं। इससे लिंग टेढ़ा हो सकता है और सख्त नहीं हो पाता।

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  • मानसिक कारण:  
  • तनाव, चिंता और डिप्रेशन: अगर आप बहुत ज्यादा सोचते हैं, तनाव में रहते हैं या किसी बात की चिंता करते हैं, तो आपका दिमाग आराम से काम नहीं कर पाता। दिमाग का असर सीधा लिंग पर पड़ता है, जिससे उत्तेजना के बावजूद लिंग ढीला ही रहता है [3]।
  • प्रदर्शन को लेकर डर (Performance Anxiety): अगर आप बार-बार अपनी सेक्स परफॉरमेंस को लेकर चिंतित हैं कि आप अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे या नहीं, तो डर के कारण भी आपका लिंग खड़ा नहीं होगा। इसे "परफॉर्मेंस एंजाइटी" कहते हैं [4]।
  • रिश्तों की समस्या या आत्मविश्वास की कमी: कभी-कभी रिश्तों की दिक्कत या आत्मविश्वास की कमी भी लिंग के ढीले रहने की वजह बनती है।  
  • जीवनशैली से जुड़े कारण:  
  • शराब और स्मोकिंग: अगर कोई बहुत ज्यादा सिगरेट या शराब पीता है, तो उसका असर शरीर की नसों और खून के बहाव पर पड़ता है। जिससे लिंग में खून अच्छे से नहीं पहुँच पाता [5] [6]।
  • ड्रग्स लेना: ड्रग्स का असर दिमाग और शरीर दोनों पर होता है, जिससे उत्तेजना और सख्ती दोनों पर असर पड़ता है।
  • मोटापा और फिजिकली एक्टिव न होना: अगर कोई दिन भर बैठा रहता है, एक्सरसाइज नहीं करता, मोटापा बढ़ गया है, नींद पूरी नहीं ले रहा या खाना अच्छा नहीं खा रहा, तो भी यह सब लिंग के ढीले होने का कारण सेहत पर असर डाल सकते हैं [7]।

इन सभी के कारण ling me dhilapan हो सकता है जो धीरे-धीरे बढ़ता है और व्यक्ति को मानसिक रूप से प्रभावित करता है।

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इसको कैसे जांचा जा सकता है?

अगर आप भी बार बार लिंग के ढीले होने की परेशानी से जूझ रहे हैं, तो सबसे पहले आपको इसका कारण जानना होगा कि ऐसा क्यों हो रहा है। इसके लिए आप डॉक्टर की मदद ले सकते हैं। वे आपसे कुछ सवाल कर सकते हैं, जिससे वो ये जान सकें कि आखिर लिंग के ढीलेपन का कारण क्या हो सकता है।  डॉक्टर आपसे क्या पूछ सकते हैं?

  • क्या आप कोई दवा ले रहे हैं?
  • क्या आपको तनाव, चिंता या डिप्रेशन है?
  • क्या रिश्ते में कोई तनाव चल रहा है?
  • क्या सुबह या रात में कभी इरेक्शन होता है?
  • ये समस्या कब से और कैसे शुरू हुई?

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ये सवाल थोड़े पर्सनल हो सकते हैं, लेकिन जवाब देने से सही इलाज में मदद मिलती है। कभी-कभी डॉक्टर जरूरत पड़ने पर पार्टनर से भी बात कर सकते हैं। ज़रूरी जाँचें  जब डॉक्टर को पता चलता है की ऐसा शारीरिक कारणों से हुआ है, तो वो कुछ ज़रूरी जांचें कराने की सलाह देते हैं, जैसे:

  • ब्लड टेस्ट: हार्मोन, शुगर, थायरॉइड आदि की जांच के लिए
  • यूरीन टेस्ट: डायबिटीज़ जैसी बीमारियाँ देखने के लिए
  • डॉप्लर अल्ट्रासाउंड: लिंग में खून का बहाव कैसा है, ये देखने के लिए
  • नसों की जांच: लिंग की सेंसिटिविटी को चेक करने के लिए
  • वेसोएक्टिव इंजेक्शन: इरेक्शन आने पर खून की गति को चेक करने के लिए

अगर आपका दिमाग लगातार तनाव, चिंता या परफॉर्मेंस के डर में डूबा है, तो शरीर का प्रतिक्रिया न देना एक आम बात है। सेक्स सिर्फ शरीर से नहीं, दिमाग से भी जुड़ा होता है।

लिंग का ढीलापन कैसे दूर करें?

अगर आप जानना चाहते हैं कि ling ka dhilapan kaise dur hoga या ling ka dhilapan kaise dur kare, तो सबसे पहले कारण जानना जरूरी है। अगर लिंग का ढीला होना आपकी जीवनशैली से जुड़ा है, तो:

  • रोजाना कम से कम 30 मिनट तक हार्ट रेट को बढ़ाने वाली एक्सरसाइज करें, जैसे – साइकलिंग, स्विमिंग आदि [8]।
  • अपना पेल्विक फ्लोर मजबूत करने के लिए कीगल एक्सरसाइज करें [9]।
  • शराब, स्मोकिंग और ड्रग्स से दूरी बनाए रखें, क्योंकि ये लिंग में खून का बहाव कम करते हैं।

अगर लिंग मानसिक कारणों की वजह से ढीला हो रहा है, तो:

  • तनाव कम करने के लिए योग, ध्यान और गहरी गहरी सांस लें क्योंकि तनाव आपकी सेक्सुअल संतुष्टि को कम कर सकता है।
  • कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद रोजाना लें [10]।
  • काउंसलिंग या थेरेपी का सहारा लें।

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अगर लिंग के ढीले होने की वजह शारीरिक कारण हों तो:

  • दवा बदलना: अगर किसी दवा की वजह से आपको ये परेशानी है, तो डॉक्टर से बात करके आप इस दवा को बदला सकते हैं।
  • PDE5 इन्हिबिटर्स: कुछ दवाएं जैसे सिल्डेनफिल (Viagra), टाडालाफिल (Cialis) लिंग में खून का बहाव बढ़ाने में मदद करती हैं [11]।
  • वैक्यूम डिवाइस: डॉक्टर्स वैक्यूम डिवाइस लगाने की सलाह दे सकते हैं, जो कि एक पंप होता है, जो लिंग में खून भरता है।
  • हार्मोनल असंतुलन: अगर टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की कमी है, तो डॉक्टर टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी की सलाह दे सकते हैं [12]।

जब अन्य इलाज असर न करें, तो:

  • पेनाइल इम्प्लांट या प्रोस्थेटिक सर्जरी: जब दवाएं और लाइफस्टाइल सुधार से कोई फायदा न हो, तब सर्जरी द्वारा एक इम्प्लांट डाला जा सकता है जिससे व्यक्ति जब चाहे इरेक्शन पा सकता है।

निष्कर्ष

सेक्स से जुड़ी परेशानियों पर बात करना आसान नहीं होता, खासकर जब बात लिंग के ढीलेपन जैसी चीज़ों की हो। बहुत से पुरुष इसे लेकर चुप रहते हैं, शर्माते हैं या खुद को ही दोष देने लगते हैं। लिंग में ढीलापन क्यों आता है? यह सवाल जितना आम है, उसका समाधान भी उतना ही स्पष्ट हो सकता है, बशर्ते आप सही जानकारी, डॉक्टर की सलाह और सही आदतों को अपनाएं। अगर आप सोच रहे हैं कि ling ko tight kaise kare या ling ka dhilapan kaise dur hoga, तो शुरुआत करें अपने शरीर और दिमाग की बेहतर देखभाल से।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या सुबह का इरेक्शन (मॉर्निंग वुड) न होना चिंता की बात है?

हाँ, अगर आपको पहले नियमित रूप से सुबह इरेक्शन होता था और अब बंद हो गया है, तो यह किसी शारीरिक या मानसिक कारण का संकेत हो सकता है, जैसे हार्मोनल बदलाव या ब्लड फ्लो की समस्या। बेहतर होगा कि आप डॉक्टर से बात करें।

क्या बार-बार हस्तमैथुन करने से लिंग ढीला पड़ सकता है?

नहीं, सामान्य और सीमित मात्रा में हस्तमैथुन करना सामान्य है और इससे इरेक्शन पर ज्यादा असर नहीं होता। लेकिन अगर यह आपकी सेक्स लाइफ या दिनचर्या को प्रभावित करने लगे, तो यह मानसिक तनाव का कारण बन सकता है।

क्या मोटापा ED का स्थायी कारण बन सकता है?

मोटापा ब्लड फ्लो, हार्मोन बैलेंस और नसों की सेहत को प्रभावित करता है, जिससे ED की संभावना बढ़ जाती है। अच्छी बात यह है कि वजन घटाने और नियमित व्यायाम से यह समस्या काफी हद तक सुधर सकती है।

क्या इरेक्टाइल डिसफंक्शन का इलाज हमेशा दवाओं से ही होता है?

नहीं, यह ज़रूरी नहीं। कई मामलों में लाइफस्टाइल बदलाव, स्ट्रेस मैनेजमेंट, थेरेपी या रिलेशनशिप काउंसलिंग से ही बहुत सुधार आ सकता है। दवाएं तब दी जाती हैं जब बाकी उपाय पर्याप्त न हों।

क्या कंडोम पहनने से लिंग ढीला हो सकता है?

कुछ लोगों को कंडोम से उत्तेजना कम महसूस होती है जिससे इरेक्शन में दिक्कत हो सकती है। लेकिन यह हर किसी के साथ नहीं होता। सही साइज और लुब्रिकेटेड कंडोम मदद कर सकते हैं।

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