Erectile Dysfunction / Tadalafil Tablet Uses In Hindi

टाडालाफिल टैबलेट: उपयोग, फायदे और सावधानियाँ

Written by Dr. Srishti Rastogi
September 9, 2025
टाडालाफिल टैबलेट: उपयोग, फायदे और सावधानियाँ

क्या आपने टाडालाफिल (Cialis) का नाम सुना है लेकिन यह नहीं जानते कि यह दवा आपके लिए सही है या नहीं? क्या यह सच में इरेक्शन बेहतर करती है? क्या इसे रोज़ लेना सुरक्षित है? या इसके साइड इफेक्ट्स ज़्यादा भारी पड़ सकते हैं? इस आर्टिकल में हम आपको टाडालाफिल से जुड़ी हर ज़रूरी जानकारी देंगे। इसके उपयोग, सही खुराक, फायदे और सावधानियों तक, जिसे पढ़ने के बाद आपके मन में कोई कंफ्यूजन नहीं बचेगा।

टाडालाफिल क्या है?

टाडालाफिल (Tadalafil) एक ऐसी दवा है जिसे आमतौर पर Cialis ब्रांड नाम से जाना जाता है। यह दवा Phosphodiesterase type-5 (PDE5 inhibitor) नाम की दवाओं के ग्रुप में आती है [1]। इसका असर शरीर की रक्त-नलिकाओं पर होता है। जब आप टाडालाफिल लेते हैं तो यह नलिकाओं को रिलैक्स करता है, जिससे खून का बहाव बेहतर हो जाता है। यही वजह है कि:

  • लिंग में मज़बूत इरेक्शन (तनाव) लाने और बनाए रखने में मदद मिलती है।
  • पेशाब की समस्या और बढ़ी हुई प्रोस्टेट (BPH) में राहत मिलती है।
  • फेफड़ों की नसों का दबाव कम होता है, जिससे पल्मोनरी आर्टेरियल हाइपरटेंशन (PAH) में फायदा होता है।
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क्या आपने कभी टाडालाफिल (Cialis) के बारे में सुना है?

टाडालाफिल कैसे काम करती है?

जिन लोगों को इरेक्टाइल डिसफंक्शन होता है, उन्हें दिक्कत यह होती है कि यौन उत्तेजना के बावजूद लिंग तक पर्याप्त खून नहीं पहुंचता। इसका कारण PDE5 एंज़ाइम होता है, जो खून के बहाव को रोक देता है। टाडालाफिल PDE5 को ब्लॉक कर देता है [2]। जिससे:

  • लिंग की रक्त नलिकाएँ चौड़ी हो जाती हैं।
  • खून आसानी से बहने लगता है।
  • यौन उत्तेजना होने पर इरेक्शन मज़बूत और लंबे समय तक टिकता है।

यही प्रक्रिया BPH और PAH में भी काम आती है। फर्क सिर्फ यह है कि अलग-अलग बीमारियों के लिए बस  खुराक और ब्रांड नाम बदल जाते हैं।

“Tadalafil tablet ke uses – Blocks PDE5, BPH relief, PAH support.”

टाडालाफिल किन समस्याओं में दी जाती है?

  • इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ED):
    • जिन पुरुषों का सेक्स के दौरान लिंग खड़ा नहीं होता या जल्दी ढीला पड़ जाता है [3] जिसकी वजह से न सिर्फ उनका यौन जीवन प्रभावित होता है बल्कि आत्मविश्वास और रिश्ते पर भी असर पड़ता है।
    • टाडालाफिल लिंग में खून का बहाव बढ़ाकर इस समस्या का हल करता है।
  • बेनाइन प्रोस्टेटिक हाइपरप्लासिया (BPH):
    • इसमें प्रोस्टेट ग्रंथि (Prostate Gland) बढ़ जाती है और पेशाब से जुड़ी दिक्कतें होने लगती हैं [4]।
    • लक्षण: बार-बार पेशाब लगना, रात में कई बार उठना, पेशाब का कमजोर बहाव, मूत्राशय पूरी तरह खाली न होना।
    • टाडालाफिल पेशाब की नलिकाओं और प्रोस्टेट की मांसपेशियों को ढीला करता है, जिससे पेशाब आसानी से होने लगती है।
  • पल्मोनरी आर्टेरियल हाइपरटेंशन (PAH):
    • यह फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारी है जिसमें फेफड़ों की नसों में दबाव बहुत बढ़ जाता है [5]।
    • मरीज को सांस लेने में दिक्कत, थकान और चक्कर आने लगते हैं।
    • टाडालाफिल (Adcirca ब्रांड नाम से) फेफड़ों की रक्त नलिकाओं को रिलैक्स कर दबाव कम करता है।

टाडालाफिल की खुराक और ताक़त

बाज़ार में टाडालाफिल 2.5mg, 5mg, 10mg और 20mg टैबलेट के रूप में उपलब्ध है [6]।

  • इरेक्टाइल डिसफंक्शन:
    • ज़रूरत पड़ने पर 10mg से शुरुआत होती है।
    • अगर असर कम लगे तो 20mg दी जाती है।
    • इसका असर 24–36 घंटे तक रह सकता है, इसलिए इसे "वीकेंड पिल" भी कहा जाता है।
  • BPH:
    • 5mg रोज़ाना, एक बार।
    • रोज़ लेने पर लगातार असर रहता है।
  • ED + BPH दोनों:
    • 5mg रोज़ाना, एक बार।
  • PAH:
    • 40mg (यानि 20mg की दो टैबलेट) रोज़ाना एक बार।

डॉक्टर मरीज की उम्र, सेहत और बीमारी की गंभीरता देखकर खुराक तय करते हैं।

टाडालाफिल कब और कैसे लें?

  • इसे पानी के साथ पूरा निगलें
  • इसे खाना खाने के बाद या खाली पेट, दोनों समय लिया जा सकता है।
  • ED के लिए: सेक्स से 30 मिनट पहले लें।
  • BPH या PAH के लिए: रोज़ एक ही समय पर लें।

 सिर्फ गोली लेने से इरेक्शन नहीं होगा। उसके लिए यौन उत्तेजना होना ज़रूरी है।

टाडालाफिल के फायदे

Daily tadalafil benefits – No sudden planning, urinary symptoms improve, relationship confidence support.”

  1. लंबे समय तक असर: एक टैबलेट 36 घंटे तक असर कर सकती है [2]।
  2. डेली डोज़ विकल्प: 5mg रोज़ाना लेने पर अचानक दवा लेने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
  3. BPH और ED दोनों में कामयाब: एक ही दवा से दो समस्याओं में फायदा।
  4. सुरक्षित और प्रभावी: सही मरीजों और सही खुराक में यह दवा काफी सुरक्षित मानी जाती है।

टाडालाफिल के साइड इफेक्ट्स

हर दवा की तरह इसके भी कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं [7]।

  • आम साइड इफेक्ट्स: सिरदर्द, चेहरा लाल होना, पेट खराब या बदहजमी, नाक बंद होना, पीठ और मांसपेशियों में दर्द
  • गंभीर साइड इफेक्ट्स (कम मामलों में): सीने में दर्द, अचानक सुनाई देना बंद होना या कान में आवाज़ आना, आंखों की रोशनी धुंधली होना, दर्दनाक या लंबे समय तक टिकने वाला इरेक्शन (4 घंटे से ज़्यादा)

टाडालाफिल लेते समय किन बातों का ध्यान रखें?

  • शराब ज़्यादा न पिएँ, वरना ब्लड प्रेशर बहुत गिर सकता है।
  • ग्रेपफ्रूट या उसका जूस न लें, इससे दवा का असर बढ़कर साइड इफेक्ट हो सकते हैं।
  • नाइट्रेट दवा (जैसे एंजाइना या हार्ट की दवा) के साथ इसे कभी न लें।
  • किडनी या लीवर के मरीज डॉक्टर को ज़रूर बताएं।

टाडालाफिल किन्हें नहीं लेना चाहिए?

  • जिन्हें हाल ही में हार्ट अटैक या स्ट्रोक हुआ हो।
  • जिनको बहुत लो ब्लड प्रेशर रहता है।
  • जिनको लिंग की विकृति (जैसे पेरोनी डिज़ीज़) हो।
  • 18 साल से कम उम्र के युवाओं को।
  • गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को।

टाडालाफिल और सिल्डेनाफिल (Viagra)

ED pills comparison – Viagra effect 4-6 ghante, Tadalafil effect 36 ghante tak

  • असर का समय: सिल्डेनाफिल 4-6 घंटे तक काम करता है, जबकि टाडालाफिल 36 घंटे तक असरदार है [8]।
  • डोज़: सिल्डेनाफिल ज़्यादातर ज़रूरत पड़ने पर ली जाती है, टाडालाफिल रोज़ भी ली जा सकती है।
  • फायदा: टाडालाफिल को "वीकेंड पिल" कहा जाता है क्योंकि इसका असर लंबा रहता है।

निष्कर्ष

टाडालाफिल (Cialis/Adcirca) उन पुरुषों के लिए एक भरोसेमंद दवा है जिन्हें इरेक्टाइल डिसफंक्शन, प्रोस्टेट ग्रंथि बढ़ने या PAH की समस्या है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह लंबे समय तक असर करती है और लगातार इस्तेमाल के लिए भी उपलब्ध है। लेकिन याद रखें: यह दवा तभी सुरक्षित है जब डॉक्टर की निगरानी में ली जाए। खुद से खुराक तय करना या बार-बार बदलना खतरनाक हो सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या टाडालाफिल Viagra से ज़्यादा असरदार है?

दोनों ही दवाएँ इरेक्शन में मदद करती हैं। फर्क यह है कि Viagra (Sildenafil) लगभग 4–6 घंटे तक असर करता है, जबकि टाडालाफिल 36 घंटे तक असरदार रहता है। इसलिए इसे "वीकेंड पिल" भी कहा जाता है।

क्या टाडालाफिल टाइमिंग बढ़ा सकती है?

टाडालाफिल का असर सीधे तौर पर टाइमिंग बढ़ाने पर नहीं होता। यह इरेक्शन को मज़बूत और लंबे समय तक बनाए रखने में मदद करती है, जिससे अप्रत्यक्ष रूप से परफॉर्मेंस बेहतर हो सकती है।

पेनिस मज़बूत करने के लिए कौन सी दवा सबसे अच्छी है?

कोई भी दवा "पेनिस मज़बूत करने" के लिए नहीं बनी। लेकिन ED के इलाज के लिए टाडालाफिल और सिल्डेनाफिल जैसी दवाएँ असरदार हैं। हमेशा डॉक्टर से सलाह लेकर ही लें।

क्या टाडालाफिल लेने पर स्खलन के बाद भी इरेक्शन रहता है?

स्खलन (Ejaculation) के बाद आमतौर पर लिंग ढीला हो जाता है। लेकिन टाडालाफिल लेने पर री-कवर जल्दी होता है और दोबारा इरेक्शन आने की संभावना बढ़ जाती है।

टाडालाफिल कितनी देर तक असर करती है?

इसका असर 24 से 36 घंटे तक रह सकता है, जो इसे बाकी दवाओं से अलग बनाता है।