ट्रामाडोल: शीघ्रपतन की दवा, उपयोग, खुराक, दुष्प्रभाव और चेतावनियाँ
Written by Dr. Anvi Dogra
Dr. Anvi Dogra is a medical writer and healthcare professional with a doctoral background in clinical sciences. She leverages her medical training to produce deeply researched, people first content across the wellness industries. With a "360-degree" understanding of the healthcare industry, Dr. Anvi focuses on bridge-building between clinical data and patient wellness. Known for her ability to make complex medical topics accessible and engaging, Dr. Anvi ensures that all health information is grounded in clinical evidence.
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November 30, 2025
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ट्रामाडोल एक तेज़ दर्द की दवा है, जिसे कुछ शीघ्रपतन के मामलों में ऑफ-लेबल दिया जाता है। लेकिन इसके साथ कई खतरे भी आते हैं, जैसे साँस रुकना, दौरे, चक्कर, लत लगना और दवा छोड़ने पर होने वाले लक्षण। हर पुरुष में इसका असर अलग होता है, इसलिए इसे कभी भी खुद से नहीं लेना चाहिए। शीघ्रपतन कई बार तनाव या जीवनशैली के कारण भी होता है, इसलिए सही इलाज तभी होता है जब डॉक्टर कारण समझकर दवा या अन्य तरीके बताते हैं। ट्रामाडोल मदद कर सकती है, लेकिन यह कोई स्थायी समाधान नहीं है और इसे सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर ही लेना सुरक्षित है।
ट्रामाडोल एक मजबूत दर्द निवारक दवा है जो मीडीअम से तेज़ दर्द में दी जाती है। कई देशों में यह एक नशीली दवा की श्रेणी में आती है क्योंकि इसका लंबे समय तक उपयोग आदत या निर्भरता पैदा कर सकता है। एक दिलचस्प बात यह है कि दर्द के इलाज के अलावा इसे कई डॉक्टर शीघ्रपतन की समस्या में भी ऑफ-लेबल तरीके से देते हैं, क्योंकि कई छोटे अध्ययनों में पाया गया है कि यह स्खलन के समय को बढ़ा सकती है। लेकिन इसे बिना डॉक्टर की सलाह के लेना खतरनाक हो सकता है। इस आर्टिकल में आप जानेंगे कि ट्रामाडोल क्या है, कैसे काम करती है, शीघ्रपतन में यह कितनी प्रभावी है, इसके साइड एफेक्ट्स और क्यों डॉक्टर की सलाह के बिना इसका इस्तेमाल करना खतरनाक है।
ट्रामाडोल क्या है?
ट्रामाडोल एक ऐसी दवा है जो दर्द कम करने के लिए दिमाग के दर्द-संवेदन केंद्रों पर असर डालती है। यह दिमाग में कुछ विशेष प्रोटीनों से जुड़कर दर्द महसूस होने की प्रक्रिया को धीमा कर देती है। इसके अलावा, यह दिमाग में दो महत्वपूर्ण केमिकल जैसे सिरोटोनिन और नोरएड्रेनालिन की मात्रा बढ़ा देती है, जिससे दर्द के सिग्नल को रोका जा सकता है। शीघ्रपतन में यह इसलिए प्रभावी हो सकती है क्योंकि सिरोटोनिन स्खलन को नियंत्रित करने वाला प्रमुख केमिकल है। जब इसकी मात्रा बढ़ती है, तो स्खलन की प्रक्रिया धीमी होती है। इसीलिए कई छोटी अध्ययनों में पाया गया है कि ट्रामाडोल लेने से स्खलन का समय बढ़ सकता है।
ट्रामाडोल दवा के उपयोग व फायदे
ट्रामाडोल ऐसी दवा है जिसे आमतौर पर तेज़ दर्द कम करने के लिए दिया जाता है, लेकिन कई जगह डॉक्टर इसे कुछ खास स्थितियों में अतिरिक्त लाभ के लिए भी इस्तेमाल करते हैं। आइए इसके मुख्य उपयोग और शीघ्रपतन में इसके ऑफ-लेबल उपयोग को समझते हैं।
सामान्य उपयोग
ट्रामाडोल का मुख्य उपयोग तेज़ दर्द को कम करने में होता है। इसे अक्सर ऐसे मामलों में दिया जाता है जहाँ सामान्य दर्द की दवाएँ असर नहीं कर पातीं या सहन नहीं हो पातीं। यह दवा ऑपरेशन के बाद का दर्द, चोट लगने पर होने वाला दर्द, या लंबे समय तक चलने वाला तेज़ दर्द कम करने में दी जाती है। कई देशों में इसे केवल डॉक्टर की पर्ची पर ही लिया जा सकता है क्योंकि इसकी अधिक मात्रा या गलत उपयोग से गंभीर साइड एफेक्ट्स के साथ-साथ नशे की आदत भी उत्पन्न हो सकती है।
शीघ्रपतन में ट्रामाडोल का उपयोग (ऑफ-लेबल उपयोग)
शीघ्रपतन एक आम पुरुष समस्या है जहाँ पुरुष चाहकर भी स्खलन को नियंत्रित नहीं कर पाते। कई पुरुषों में यह समस्या तनाव, घबराहट, संवेदनशीलता, हार्मोन असंतुलन या मानसिक कारणों से भी होती है। एक क्लीनिकल स्टडी में 18–45 वर्ष के पुरुषों को 12 सप्ताह तक ट्रामाडोल दिया गया और देखा गया कि उनका औसत स्खलन समय लगभग 59 सेकंड से बढ़कर 202 से 238 सेकंड तक पहुँच गया, यानी लगभग तीन से चार गुना सुधार हुआ। [1] एक बड़े लेवेल पे की गई स्टडी जिस में आठ अलग–अलग शोधों को मिलाकर देखा गया और निष्कर्ष निकला कि ट्रामाडोल स्खलन समय बढ़ाने में अधिक प्रभावी हो सकती है। इस स्टडी में पुरुषों के संभोग समय में महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई, जिससे साबित होता है कि ट्रामाडोल कई पुरुषों में शीघ्रपतन को कम करने में असरदार हो सकती है। [2] लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि ट्रामाडोल शीघ्रपतन की पर्मानेंट दवा नहीं है, इसका लंबे समय तक उपयोग साइड एफेक्ट्स पैदा कर सकता है। हर पुरुष में इसका असर एक जैसा नहीं होता, इसलिए शीघ्रपतन में इसे केवल डॉक्टर की सलाह पर ही लिया जाना चाहिए।
ट्रामाडोल के साइड एफेक्ट्स
ट्रामाडोल एक प्रभावी दवा है, लेकिन इसके साथ कुछ साइड एफेक्ट्स भी जुड़े होते हैं, जो हल्के से लेकर गंभीर तक हो सकते हैं। इसके प्रभाव हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं। आइए समझते हैं कि ट्रामाडोल के सामान्य और गंभीर साइड एफेक्ट्स कौन-कौन से हैं और कब आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। [3]
कॉमन साइड एफेक्ट्स
ट्रामाडोल शुरू करते समय कई लोगों को उलटी, कमजोरी, चक्कर आना, भूख कम लगना, कब्ज़, उल्टी, सिरदर्द, मुँह सूखना, पेट में जलन, पसीना बढ़ना या त्वचा में हल्की खुजली जैसे लक्षण हो सकते हैं। [3] शीघ्रपतन के लिए लेने वाले वाले पुरुषों में चक्कर, नींद, मुँह सूखना, उल्टी, सिरदर्द और थोड़ी यौन समस्या जैसे प्रभाव देखे गए हैं। अधिकतर ये लक्षण धीरे-धीरे कम हो जाते हैं, लेकिन कुछ मामलों में बढ़ भी सकते हैं।
गंभीर साइड एफेक्ट्स
कुछ साइड एफेक्ट्स बहुत गंभीर हो सकते हैं और तुरंत डॉक्टर की सहायता की आवश्यकता होती है। [4]
साँस धीमी पड़ना या रुकना
यह ट्रामाडोल का सबसे खतरनाक प्रभाव है। अधिक मात्रा, अचानक बढ़ी हुई मात्रा या अन्य दवाओं के साथ लेने पर यह जानलेवा साबित हो सकता है।
दौरे पड़ना
उच्च मात्रा या कुछ खास दवाओं के साथ लेने पर दौरे पड़ने का खतरा बढ़ जाता है।
सैरोटोनिन पॉइज़निंग
अगर व्यक्ति पहले से सैरोटोनिन बढ़ाने वाली कोई दवा ले रहा हो, तो यह मिश्रण गंभीर विषाक्तता पैदा कर सकता है।
नशे की लत या निर्भरता
लंबे समय तक लेने पर शरीर और दिमाग इसकी आदत डाल लेते हैं। लोग “उत्साह” जैसा अनुभव पाने के लिए अधिक मात्रा लेने लगते हैं, जिससे आदत, निर्भरता और नशे की प्रवृत्ति उत्पन्न हो सकती है।
गंभीर एलर्जी
चेहरे, होंठों या गले में सूजन, लाल दाने, छाले या त्वचा का छिलना , ये सभी गंभीर संकेत हैं।
दवा अचानक बंद करने पर होने वाले लक्षण
ट्रामाडोल निर्भरता पैदा कर सकती है, इसलिए इसे अचानक बंद नहीं किया जाना चाहिए। अचानक छोड़ने पर बेचैनी, पसीना, नींद न आना, चिड़चिड़ापन, मतली, शरीर कांपना और दवा की तीव्र इच्छा जैसे लक्षण आ सकते हैं। इसलिए डॉक्टर दवा को धीरे-धीरे कम करते हैं।
ट्रामाडोल केवल डॉक्टर की सलाह से ही क्यों लें?
ट्रामाडोल एक ऐसी दवा है जो गलत उपयोग, गलत मात्रा, या बिना निगरानी के लेने पर जानलेवा बन सकती है। यह साँस रुकने, दौरे, नशे की आदत, गंभीर एलर्जी, और सैरोटोनिन विषाक्तता जैसे जोखिम बढ़ाती है। शीघ्रपतन में इसका उपयोग पर्मानेंट इलाज नहीं है, और इसका असर अलग-अलग पुरुषों में अलग होता है। शीघ्रपतन कई बार तनाव, रिश्तों की समस्याओं, पोर्न का अत्यधिक उपयोग, हार्मोन असंतुलन या मानसिक कारणों से होता है, इसलिए डॉक्टर पहले कारण पहचानते हैं और फिर दवा सुझाते हैं। खुद से ट्रामाडोल लेना न केवल खतरनाक है बल्कि जीवनभर की निर्भरता और गंभीर स्वास्थ्य समस्या पैदा कर सकता है।
निष्कर्ष
ट्रामाडोल एक शक्तिशाली दर्द निवारक दवा है जो कई गंभीर प्रकार के दर्द में उपयोग की जाती है। कुछ रिसर्च बताते हैं कि यह शीघ्रपतन में स्खलन का समय बढ़ा सकती है, लेकिन इसके साथ गंभीर जोखिम जुड़े होते हैं जैसे नशे की लत, साँस रुकना, दौरे, और सैरोटोनिन विषाक्तता। इसीलिए इसे केवल डॉक्टर की सलाह, निगरानी और सही मात्रा में ही लेना चाहिए। शीघ्रपतन के लिए दवा के अलावा जीवनशैली सुधार, मनोवैज्ञानिक समर्थन और सलाह भी महत्वपूर्ण होते हैं।
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Most Asked Questions
ट्रामाडोल टैबलेट के क्या नुकसान हैं?
ट्रामाडोल के नुकसान इसकी तेज़ असर वाली प्रकृति से जुड़े हैं। यह शुरुआत में उलटी, चक्कर, कमजोरी, कब्ज़, मुँह सूखना, पेट में जलन जैसे साइड इफेक्ट्स दे सकती है। गंभीर मामलों में साँस धीमी पड़ना, दौरे, सैरोटोनिन विषाक्तता, नशे की लत, और गंभीर एलर्जी जैसे जोखिम भी हो सकते हैं।
ट्रामाडोल किस अंग को नुकसान पहुँचाता है?
सीधे रूप में ट्रामाडोल किसी एक अंग को निशाना नहीं बनाती, लेकिन इसका असर दिमाग और श्वसन तंत्र पर सबसे ज़्यादा होता है। ज़्यादा मात्रा या गलत उपयोग से यह साँस रुकने, मानसिक भ्रम, और दौरे जैसे खतरनाक प्रभाव पैदा कर सकती है। लम्बे समय तक उपयोग से लीवर और किडनी पर भी दबाव बढ़ सकता है, इसलिए डॉक्टर निगरानी में ही लिया जाता है।
क्या ट्रामाडोल किडनी को नुकसान पहुँचाती है?
अगर किडनी पहले से कमजोर हो, तो ट्रामाडोल शरीर में जमा होकर दुष्प्रभाव बढ़ा सकती है। इसलिए डॉक्टर्स किडनी रोग वाले लोगों में खुराक कम करते हैं या कभी-कभी ट्रामाडोल देने से बचते हैं।
ट्रामाडोल प्रतिबंधित क्यों है या कई देशों में कंट्रोल्ड ड्रग क्यों माना जाता है?
ट्रामाडोल को कई देशों में नियंत्रित दवा (Controlled Substance) इसलिए माना जाता है क्योंकि इसका गलत उपयोग नशे की आदत, दुरुपयोग, और निर्भरता पैदा कर सकता है। इसके साथ साँस रुकने और ओवरडोज़ का जोखिम भी जुड़ा है।
क्या ट्रामाडोल शीघ्रपतन में कारगर है?
कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि ट्रामाडोल लेने से स्खलन का समय बढ़ सकता है और शीघ्रपतन में सुधार हो सकता है, लेकिन यह ऑफ-लेबल उपयोग है और पर्मानेंट इलाज नहीं है। इसके गंभीर साइड इफेक्ट्स के कारण इसे केवल डॉक्टर की सलाह पर ही लेना चाहिए।